जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) और राष्ट्रीय स्यवंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बीच छात्रावास के ‘मेस’ में मांसाहारी भोजन परोसने को लेकर हुई झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
जानिये क्या थी झगडे की वजह
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कावेरी छात्रावास में छात्रों के दो समूह के बीच, ‘मेस’ में रामनवमी पर कथित तौर पर मांसाहारी भोजन परोसने को लेकर रविवार को झड़प हो गई थी। पुलिस ने बताया कि घटना में छह छात्र घायल हो गए हैं।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) मनोज सी. ने बताया कि उन्हें अज्ञात एबीवीपी छात्रों के खिलाफ सोमवार सुबह जेएनयूएसयू, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डीएसएफ और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्य छात्रों के एक समूह से शिकायत मिली है।
एबीवीपी से जुड़े छात्रों पर FIR दर्ज
उन्होंने कहा, ‘‘ शिकायत के आधार पर, हमने भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 509, 506 और 34 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है। तथ्यात्मक या वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने और दोषियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।’’
अधिकारी ने बताया कि एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने भी सूचित किया है कि वे भी मामले में शिकायत दर्ज कराएंगे। शिकायत मिलने पर आवश्यक उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झगडे के वीडियो हुए सोशल मीडिया पर वायरल
हिंसा के कई कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें से एक में एक छात्र अख्तरिस्ता अंसारी के सिर से खून निकलता दिख रहा है। अधिकारियों ने इन वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।
जेएनयूएसयू ने रविवार को आरोप लगाया था कि एबीवीपी के सदस्यों ने दोपहर में छात्रावास के ‘मेस’ में कर्मचारियों को मांसाहारी भोजन परोसने से रोका और उन पर हमला भी किया। हालांकि, एबीवीपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि रामनवमी पर छात्रावास में आयोजित पूजा कार्यक्रम को वामपंथियों ने बाधित किया।
एक दूसरे पर छात्र संगठनों के आरोप
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव करने का आरोप लगाया है। जेएनयूएसयू ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों ने ‘‘गुंडागर्दी’’ की, कर्मचारियों के साथ मारपीट की और उन्हें कोई भी मांसाहारी भोजन तैयार नहीं करने के लिए कहा।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ वे सभी छात्रों के लिए रात के खाने के भोजन (मेन्यू) में बदलाव करने और उसमें से सामान्य मांसाहारी खाने को हटाने के लिए ‘मेस’ समिति को मजबूर कर रहे थे और उन पर हमला भी किया गया।’’ जेएनयूएसयू ने कहा कि जेएनयू और उसके छात्रावास किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए हैं।


Download Android App
Download iOS App



