नयी दिल्ली : जेएनयू में छात्रावास शुल्क बढ़ाने को लेकर सफदरजंग मकबरे के बाहर प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस बीच पुलिस अधिकारियों ने जेएनयू छात्रसंघ के एक प्रतिनिधिमंडल को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव से मिलवाने ले जाते हुए प्रदर्शनकारियों से वापस चले जाने की अपील की। पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत 100 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया, जिन्हें शाम के समय छोड़ दिया गया।
जेएनयू छात्रसंघ के सचिव सतीश चन्द्र यादव ने कहा, पुलिस जेएनयू छात्रसंघ के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव से मिलवाने ले जा रही है। हमारी मांग स्पष्ट हैं, बढ़ा हुआ छात्रावास शुल्क पूरी तरह वापस लिया जाए और कुलपति इस्तीफा दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्रसंघ के सदस्यों को लेकर रवाना होते ही पुलिस ने सफदरजंग मकबरे के बाहर डेरा जमाए बैठे प्रदर्शनकारियों को वापस विश्वविद्यालय जाने के लिये कहा।
छात्रों और शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर लाठियां चलाईं और यहां से चले जाने के लिये मजबूर किया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारी एम्स और सफदरजंग अस्पताल की एंबुलेंस के रास्तों को रोक रहे थे। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि लाठीचार्ज के सभी आरोपों की जांच की जाएगी। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष समेत लगभग 100 छात्रों को हिरासत में लिया गया है और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के कथित लाठीचार्ज में कुछ छात्र घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र जेएनयू में छात्रावास शुल्क में वृद्धि को पूरी तरह वापस लेने की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे थे।


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