जेएनयू हिंसा: कैलाश सत्यार्थी बोले- छात्र संगठनों से सीधा संवाद करे PM मोदी

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नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा पर दुख जताते हुए सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालयों में भय के माहौल के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के छात्र संगठनों के साथ सीधा संवाद करना चाहिए। सत्यार्थी ने एक बयान में कहा, ‘‘जेएनयू में नक़ाबपोश उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा बेहद दुखद है। यदि जामिया व जेएनयू के छात्रावासों में हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो इससे ज़्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती। हमलावर जो भी हों, छात्र नहीं हो सकते। देश के सभी छात्र संगठन हिंसा का विरोध करें।’’…

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा पर दुख जताते हुए सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालयों में भय के माहौल के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के छात्र संगठनों के साथ सीधा संवाद करना चाहिए। सत्यार्थी ने एक बयान में कहा, ‘‘जेएनयू में नक़ाबपोश उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा बेहद दुखद है।
यदि जामिया व जेएनयू के छात्रावासों में हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो इससे ज़्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती। हमलावर जो भी हों, छात्र नहीं हो सकते। देश के सभी छात्र संगठन हिंसा का विरोध करें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालयों में बढ़ रही हिंसा, अराजकता और भय के मद्देनज़र, मैं आदरणीय भाई नरेंद्र मोदी से आग्रह करता हूँ कि वे तुरंत देश भर के विश्वविद्यालयों के छात्र संघों और राष्ट्रीय छात्र संगठनों से सीधा संवाद करें।’’ 

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गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात उस वक्त हिंसा भड़क गयी थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हुए। वाम नियंत्रित जेएनयूएसयू और आरएसएस से संबद्ध एबीवीपी इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 

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