नई दिल्ली : सही आवाज को दबाने के लिए की गई है जेएनयू में हिंसा। जामिया मिलिया इस्लामिया के मुख्य गेट पर चल रहे प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जेएनयू में लापता हुए नजीब की मां का कहना रहा। वह अपने बेटे की बातें करते हुए भावुक भी हो गईं। शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस प्रदर्शन में भी देश भर से वक्ता पहुंच रहे हैं और सीएए और एनआरसी पर अपनी बातें रख रहे हैं।
इससे अधिक ध्यान शाहीन बाग की महिलाओं ने खींचा है। उसी तर्ज पर अब यहां पर भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया गया है। इसमें स्टूडेंट्स और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी सहयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि जामिया मिलिया इस्लामिया को आज खोल दिया गया, लेकिन मुख्य गेट के बाहर रोड पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन अब भी जारी है। अब आस-पास के क्षेत्र की महिलाएं और स्टूडेंट्स के परिजन भी इस प्रदर्शन में सड़कों पर उतर गए हैं।
प्रदर्शन के चलते एक तरफ का रोड बंद किया गया है। जबकि एक तरफ के रोड पर ट्रैफिक को स्टूडेंट्स सुचारू रूप से चलाने में मदद कर रहे हैं। 15 दिसंबर को सीएए के खिलाफ मचे बवाल के बाद जामिया यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया गया था। 20 दिन बंद रखने के बाद अब उसे खोला गया है। एक तरफ बंद सड़क पर लोगों को संविधान के प्रति जागरूक करने और विभिन्न महापुरुषों की गाथाओं के तहत प्रदर्शनी भी लगाई हुई है।
पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ व्यक्ति गिरफ्तार
जामिया मिलिया इस्लामिया मेट्रो स्टेशन पर एक 34 वर्षीय व्यक्ति को सीआईएसएफ ने पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। और दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। यह ऐसा मेट्रो स्टेशन है जहां से शाहीन बाग और जामिया यूनिवर्सिटी दोनों ओर आसानी से पहुंचा जा सकता है।
व्यक्ति की पहचान जाकिर नगर निवासी आमिर हजमा खान के रूप में हुई है। वैसे वह यूपी मेरठ के मवाना का निवासी है। गुरुग्राम में किसी प्राइवेट इंस्टीट्यूट में मैथ टीचर है।


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