नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल निजी बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचा रहे हैं। यह आरोप लगाया है दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस दिल्ली द्वारा आयोजित आप की सौगात: जनता का पैसा निजी बिजली कंपनियों के पास विषय पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली चोरी में कमी की वजह से बिजली कंपनियों को तकरीबन 2100 करोड़ की अतिरिक्त कमाई हुई।
लेकिन बिजली के दाम कम करने की जगह बढ़ा दिए गए। उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि 2100 करोड़ रुपये किसकी जेब में गया। मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में 2013 के मुकाबले 9 फीसदी बिजली चोरी की कमी हुई है। माकन ने कहा कि 2018-2019 में निजी बिजली कंपनियों का राजस्व 23451 करोड़ रहा और प्रति प्रतिशत यह 234.51 करोड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब 9 फीसदी बिजली चोरी में कमी हुई और 9 फीसदी राजस्व बढ गया और कंपनी की कमाई 2111 करोड़ बढ गई तो यह 2111 करोड़ किसनी जेब में गया।
जनता को किया गुमराह… माकन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्लवासियों को गुमराह किया है। पिछले पांच सालों में बिजली कम्पनियों को सब्सिडी के रूप में दिल्ली के लोगों की गाढी कमाई में से 8532.64 करोड़ रुपये दिये जिनका कोई हिसाब किताब नहीं है। दिल्ली में 2018-2019 में प्रति यूनिट 8.45 रूपये है जबकि अन्य राज्यों में यह दिल्ली से कम है। जबकि केजरीवाल का दावा है कि पूरे देश से दिल्ली में बिजली सस्ती है।
बनाई थी लोन देने की योजना…
माकन ने कहा कि कांग्रेस की दिल्ली सरकार ने 2002-2003 से 2006-2007 में पारदर्शिता को अपनाते हुये तकरीबन 3450 करोड़ रूपया सरकारी ट्रांसमिशन कंपनी को लोन के रूप में देने की योजना बनाई थी। जिसके तहत सरकारी ट्रांसमिशन कंपनी को दिया गया लोन वापस आना था।


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