दिल्ली में जमीन केंद्र के अधीन, मंदिर के गिराए जाने में हमारा कोई हाथ नहीं : CM केजरीवाल

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मायावती ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में केन्द्र व दिल्ली सरकार की मिलीभगत से संत रविदास का मंदिर गिराए जाने का बसपा सख्त विरोध करती है।

दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर गिराए जाने पर मायावती द्वारा केंद्र और दिल्ली सरकार को दोषी ठहराया था। वहीं इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री ने कहा इस मामले में हमारी सरकार का कोई हाथ नहीं है।
सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा, ‘मायावती जी, मंदिर के गिराए जाने से हम सब लोग बेहद व्यथित हैं। इसका सख्त विरोध करते हैं मुझे दुःख है कि आप केंद्र के साथ इसके लिए हमें दोषी मानती हैं। दिल्ली में जमीन केंद्र सरकार के अधीन आती है, हमारी सरकार का इस मंदिर के गिराए जाने में कोई हाथ नहीं है। 

दरअसल, मायावती ने संत रविदास मंदिर तोड़े जाने की घटना की निन्दा की और सरकार से इसका पुनर्निर्माण करने को कहा। मायावती ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, ”दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में केन्द्र व दिल्ली सरकार की मिलीभगत से संत रविदास का मंदिर गिराए जाने का बसपा सख्त विरोध करती है। इससे इनकी आज भी हमारे संतों के प्रति हीन व जातिवादी मानसिकता साफ झलकती है।” 

उन्होंने दूसरे ट्वीट में केंद्र और दिल्ली सरकार से कोई बीच का रास्ता निकालने तथा मंदिर का पुनर्निर्माण कराने की मांग की। राष्ट्रीय राजधानी के तुगलकाबाद वनक्षेत्र स्थित संत रविदास मंदिर को शनिवार सुबह तोड़ दिया गया था। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सोमवार को जारी बयान में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ढांचे को हटा दिया गया। इसने अपने बयान में ‘मंदिर’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। 

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