किटकैट चॉकलेट में छिपाकर ला रहा था 2.759 किग्रा हाइड्रोपोनिक गांजा! IGI Airport पर पकड़ा गया तस्कर

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KitKat Drug Smuggling: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने फुकेट से आए एक यात्री के बैग से किटकैट चॉकलेट के पैकेटों में छिपाया गया 2.759 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। पिछले दो महीनों में 140 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त कर 22 से ज्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

KitKat Drug Smuggling: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने नशा तस्करी के खिलाफ  बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल विभाग ने एक ऐसे यात्री को गिरफ्तार किया, जिसने किटकैट चॉकलेट के पैकेटों में हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर दिल्ली लाने की कोशिश की।  लेकिन, कस्टम की सतर्कता और मॉडर्न  जांच टेक्नॉलजी की वजह से  उसकी यह चाल सफल नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-2377 से फुकेट से दिल्ली पहुंचा था। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने APIS प्रोफाइलिंग के आधार पर उसे शक  के दायरे में रखा। ग्रीन चैनल पार करने के बाद उसे रोककर उसके सामान की जांच की गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  जब बैग का एक्स-रे किया गया तो उसमें कुछ संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। इसके बाद अधिकारियों ने बैग की गहनता से जांच की।  जांच के दौरान किटकैट चॉकलेट के कई पैकेट मिले, जिनके अंदर चार वैक्यूम-सील पैकेट छिपे हुए थे। इनमें कुल 2.759 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

2 महीने में 140 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त

  • दिल्ली कस्टम के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 2  महीनों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है।
  • जून महीने में 80 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए गए और सात तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
  • वहीं, 1 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 60 किलोग्राम से ज्यादा हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया और 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • इस तरह सिर्फ दो महीनों में करीब 140 किलोग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं और 22 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • अधिकारियों के अनुसार, ज्यादातर  मामले बैंकॉक, फुकेट और कुआलालंपुर से आने वाली उड़ानों से जुड़े हुए हैं। इसी वजह से इन अंतरराष्ट्रीय रूटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे कई मामले

  • इससे पहले भी IGI एयरपोर्ट पर तस्करी के कई बड़े मामले पकड़े जा चुके हैं। 7  जून को कुआलालंपुर से आए दो यात्रियों के सामान में रखे गीजर के अंदर से 15.38 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया था।
  • वहीं, 23 मई को बैंकॉक से आए दो विदेशी यात्रियों के पास से 47.8 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा गया था।
  • इसके अलावा जुलाई के आखिरी हफ्ते में भी  अलग-अलग मामलों में 7.4 किलोग्राम, 11 किलोग्राम से अधिक और 18.15 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।
  • इन मामलों में कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।

नए-नए हथकंडे अपना रहे तस्कर

कस्टम अधिकारियों के अनुसार,  तस्कर हर बार नए तरीके अपनाकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश करते हैं। कभी घरेलू सामान के अंदर, कभी बैग के गुप्त हिस्सों में और अब चॉकलेट के पैकेटों में नशीले पदार्थ छिपाकर लाए जा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए कस्टम विभाग APIS प्रोफाइलिंग, AI बेस्ड जोखिम विश्लेषण, हाई-रिजॉल्यूशन एक्स-रे स्कैनिंग और खुफिया सूचनाओं की मदद ले रहा है। इन्हीं मॉडर्न टेक्नॉलजी की वजह से  कई बड़ी तस्करी की कोशिशें समय रहते पकड़ी जा रही हैं।

एक्सपर्ट का कहना है कि  केवल नशीले पदार्थ लेकर आने वाले कैरियरों की गिरफ्तारी से तस्करी पूरी तरह नहीं रुक सकती। इसके पीछे काम करने वाले असली सरगना, फंडिंग करने वाले लोग और पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना बेहद जरूरी है। जब तक जांच एजेंसियां इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश नहीं करेंगी, तब तक अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।