त्रिकालदर्शी थे भगवान वाल्मीकि : तिवारी

Summary :

महर्षि वाल्मीकि के जन्म प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य पर सीलमपुर विधानसभा के उस्मानपुर इलाके में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

नई दिल्ली : महर्षि वाल्मीकि के जन्म प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य पर सीलमपुर विधानसभा के उस्मानपुर इलाके में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वाल्मीकि समाज के प्रधान मोहिनी चंदेल ने कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व महापौर सत्या शर्मा, मीडिया विभाग के प्रदेश सह प्रमुख आनंद त्रिवेदी, मंडल महामंत्री जितेंद्र छजलाना, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हुए। 
इस मौके पर मनोज तिवारी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की, जिसने मर्यादा, सत्य, प्रेम, भातृत्व, मित्रत्व एवं सेवक के धर्म की परिभाषा सिखाई। वाल्मीकि के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है, उन्होंने अपने जीवन की एक घटना से प्रेरित होकर अपना जीवन पथ बदल दिया। इसके फलस्वरूप वे हिंदुओं के आदि काव्य रामायण के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध हुए। भगवान वाल्मीकि के जीवन का हर प्रसंग हम सबके लिए एक आदर्श जीवन का लक्ष्य प्रस्तुत करता है, जिनका अनुसरण कर न सिर्फ आम अपना जीवन सार्थक बना सकते हैं, बल्कि संपूर्ण समाज को एक सशक्त समाज के रूप में भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए तैयार कर सकते हैं। 
अंत्योदय की कल्पना तब तक अधूरी है जब तक हमारा समाज जाती पाती और भेदभाव ऊंच-नीच की कुरीतियों की जंजीरों में जकड़ा हुआ है और इस बंधन से मुक्ति के लिए भगवान महर्षि वाल्मीकि के बताए आदर्शो पर चलना आवश्यक है हम सब महर्षि वाल्मीकि केे बताएं रास्ते का अनुसरण करें। 

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