MAMC ने रचा इतिहास, 345 बच्चों की वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी कर बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

Summary :

MAMC : मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) और उससे संबद्ध लोक नायक अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने 345 बच्चों की सफलतापूर्वक वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी (वीयूडीएस) कर देश में सबसे अधिक मामलों का रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही एमएएमसी सरकारी क्षेत्र का ऐसा पहला अस्पताल बन गया है, जिसने बच्चों में इस अत्याधुनिक जांच को इतने बड़े स्तर पर अंजाम दिया है। अस्पताल के एमडी डॉ. बीएल चौधरी ने बताया कि वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी एक विशेष डायग्नोस्टिक प्रक्रिया है, जिसमें मूत्राशय के दबाव की जांच के साथ…

MAMC : मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) और उससे संबद्ध लोक नायक अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने 345 बच्चों की सफलतापूर्वक वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी (वीयूडीएस) कर देश में सबसे अधिक मामलों का रिकॉर्ड बनाया है।

इसके साथ ही एमएएमसी सरकारी क्षेत्र का ऐसा पहला अस्पताल बन गया है, जिसने बच्चों में इस अत्याधुनिक जांच को इतने बड़े स्तर पर अंजाम दिया है। अस्पताल के एमडी डॉ. बीएल चौधरी ने बताया कि वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी एक विशेष डायग्नोस्टिक प्रक्रिया है, जिसमें मूत्राशय के दबाव की जांच के साथ रीयल-टाइम एक्स-रे इमेजिंग की जाती है।

इससे बच्चों में मूत्राशय और मूत्र मार्ग की जटिल बीमारियों का सटीक पता लगाया जा सकता है और समय रहते उपचार कर किडनी को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है। इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि वर्ष 2021 में इस सुविधा की शुरुआत से अब तक सभी 345 जांचें पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुजय नियोगी ने स्वयं की हैं।

उन्होंने कहा कि देश में इस स्तर का कोई मॉडल पहले मौजूद नहीं था, इसलिए शून्य से शुरुआत कर इस विशेष क्लिनिक को विकसित करना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद संतोषजनक अनुभव रहा।

बच्चों में मल असंयम के उपचार के लिए पीडियाट्रिक एनोरेक्टल बायोफीडबैक सेवा भी शुरू

विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. सिम्मी रतन ने बताया कि इस उत्कृष्ट कार्य के कारण अब निजी और कॉर्पोरेट अस्पतालों से भी बड़ी संख्या में मरीज रेफर किए जा रहे हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों को दिया।

इस उपलब्धि के साथ विभाग ने बच्चों में मल असंयम के उपचार के लिए पीडियाट्रिक एनोरेक्टल बायोफीडबैक सेवा भी शुरू की है, जो एक आधुनिक और नॉन-इनवेसिव उपचार विकल्प है। अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल डायरेक्टर डॉ. बी.एल. चौधरी के मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग से यह पहल संभव हो सकी, जो सरकारी अस्पतालों में उन्नत बाल चिकित्सा सेवाओं के लिए एक नया राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगी।

यह भी पढ़ें : सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती, पत्नी ने डॉक्टरों को दी सख्त चेतावनी

Avinay