दिल्ली से बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को रविवार को कैमूर और सासाराम में जनता के विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज़ लोगों ने उन्हें चूड़ियां और काले झंडे दिखाए। सदन में आरक्षण बिल का समर्थन किए जाने के खिलाफ युवक उनका विरोध कर रहे थे। कैमूर के नगरपालिका मैदान में रविवार को भाजयुमो की ओर से आयोजित युवा शंखनाद सम्मेलन में वह भाग लेने आए थे।
कैमूर में नगर पालिका गेट के सामने सड़क पर उनके काफिले को युवाओं की भीड़ ने रोक दिया और उनके खिलाफ नारेबाजी करने उन्हें काला झंडा दिखाते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। विरोध के दौरान भीड़ की ओर से एक पत्थर भी उछाला गया, जो डीएसपी के पास आकर गिरा।
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मनोज तिवारी कैमूर जिले के ही मोहनियां प्रखंड के अतरवलिया गांव के रहने वाले हैं और नगपालिका मैदान में भाजयुमो की ओर से आयोजित युवा शंखनाद सम्मेलन में भाग लेने के आए थे। मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों व जवानों ने विरोधियों को किनारा कर मनोज तिवारी व उनके साथ चल रहे अन्य वाहनों को नगरपालिका मैदान में जाने के लिए रास्ता दिलवाया।
इस दौरान पुलिस व भीड़ के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मंच पर फिल्म अभिनेता के पहुंचने पर भी जब विरोध कम नहीं हुआ, तब कार्यक्रम स्थल पर खड़े लोगों को पुलिस पीछे करने लगी। पुलिस एक टुकड़ी नगरपालिका गेट पर ही पहरेदारी करने लगी, ताकि कोई अंदर प्रवेश न कर सके।
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कार्यक्रम में हंगामा बढ़ता देख मंच से शांति बनाये रखने अपील भी की गई लेकिन उसका भी असर नहीं हुआ। मंच से जब मनोज तिवारी जिंदाबाद का नारा लगा तो भीड़ से जवाब आया- मुर्दाबाद ! मुर्दाबाद! इसके बाद दर्शक दीर्घा में मौजूद नौजवान काला कपड़ा दिखा कर विरोध जताने लगे। बाद में हंगामा कर रहे लोगों को शांत करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।


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