Mastermind Kamruddin History: दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर हुए ट्रिपल मर्डर केस के मास्टरमाइंड कमरुद्दीन उर्फ ‘गॉडमैन’ के जुर्म की परतें खुलने लगी हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि उसका अपराध जगत में काफी लंबा रिकार्ड रहा है। उसने अपनी जिंदगी का पहला जुर्म अंधविश्वास और लालच का जाल बुनकर किया।
पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन का पहला गंभीर अपराध साल 2014 में राजस्थान के धौलपुर जिले में हुआ। यहां उसने एक दंपती को संतान प्राप्ति का लालच दिया। पति-पत्नी के कोई संतान नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर उसने खुद को चमत्कारी शक्तियों वाला बाबा बताया।
Mastermind Kamruddin History: राजस्थान में किया पहला अपराध
धीरे-धीरे उसने परिवार का विश्वास जीत लिया और पति के मन में यह बात बैठा दी कि पत्नी ही संतान न होने की वजह है। उसने यह झूठा दावा किया कि यदि पत्नी की बलि दी जाए तो संतान सुख और धन-संपत्ति दोनों मिलेंगे। कमरुद्दीन के बहकावे में आकर पति ने 26 फरवरी 2014 को अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया। शुरुआत में इसे घरेलू विवाद मानकर मामला दबा दिया गया, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने पर धौलपुर पुलिस ने केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, हालांकि कुछ समय बाद वह बाहर आ गया।

Kamruddin Godman: चालाकी से रची गई साजिश
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या की पूरी योजना बेहद सुनियोजित थी। कमरुद्दीन ने न सिर्फ हत्या का तरीका बताया बल्कि सबूत मिटाने के उपाय भी समझाए। उसने पति को मानसिक रूप से इतना प्रभावित कर दिया कि वह उसकी हर बात मानने लगा। यह घटना उसके लिए एक मोड़ साबित हुई। पुलिस का मानना है कि इस पहली वारदात के बाद उसके मन से अपराध का डर खत्म हो गया और उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया।
दिल्ली-एनसीआर में फैलाया जाल
राजस्थान की घटना के बाद कमरुद्दीन ने अपना ठिकाना बदल लिया और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हो गया। यहां वह तांत्रिक और चमत्कारी बाबा बनकर लोगों को धन दोगुना करने, संतान दिलाने और काले जादू से समस्याएं दूर करने का झांसा देता था। पुलिस को उसके फोन से कई अनजान नंबर मिले हैं, जिनमें कुछ राजस्थान के भी हैं। इससे उसके पुराने संपर्कों की पुष्टि होती है। बताया जा रहा है कि वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, लेकिन राजस्थान में कई साल तक रहा।

Peeragarhi Flyover Murder Case: पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर मामले में भी उसने इसी तरह का षड्यंत्र रचा। आरोप है कि उसने 76 वर्षीय रंधीर सिंह, 45 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी को जहरीली मिठाई खिलाकर मार डाला और करीब दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया। इस मामले की जांच के दौरान सख्त पूछताछ में उसने राजस्थान की पुरानी वारदात का भी खुलासा किया।

यूपी और राजस्थान में भी कई केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक, कमरुद्दीन पर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भी जहर देकर हत्या का मामला दर्ज है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह 6 से 7 हत्याओं में शामिल हो सकता है। अब जांच एजेंसियां राजस्थान पुलिस से संपर्क कर पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं, ताकि उसके अन्य अपराधों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल आरोपी पूछताछ में गोलमोल जवाब दे रहा है। यह पूरा मामला अंधविश्वास और लालच के खतरनाक मेल को दिखाता है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश में जुटी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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