उत्तरी पश्चिम दिल्ली के मैक्स अस्पताल नवजात शिशु मामले में जीवित दूसरे बच्चे की आज पीतमपुरा के अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। यह मामला 30 नवम्बर का है। मैक्स अस्पताल में महिला ने समय से पूर्व दो बच्चों को जन्म दिया था।
इनमें से एक बच्चे की मृत्यु जन्म के बाद हो गई थी जबकि डाक्टरों ने दूसरे बच्चे को भी एक घंटे बाद मृत बताकर परिवारवालों को सौंप दिया था। बाद में इस बच्चे के शरीर में जीवित रहने के चिन्ह पाए जाने पर उसे दूसरे अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया था जहां उसकी भी आज मृत्यु हो गई।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया है। दूसरी तरफ अस्पताल ने इस मामले से जुड़े दो डाक्टरों को नौकरी से निकाल दिया है। दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। तीन सदस्यीय समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में अस्पताल को दोषी पाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार नवजात शिशुओं के मामले में चिकित्सा शर्तों का पालन नहीं किया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नवजात को मृत घोषित करने से पहले ईसीजी नहीं की गई और उसे अपनी मृत बहन से अलग नहीं किया गया था।
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