Delhi Metro News : दिल्ली मेट्रो में रोजाना सफर करने वाले 70 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने गुरुवार को दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान तकनीक आधारित निगरानी, त्वरित कार्रवाई और डीएमआरसी के साथ बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी भी खतरे का प्रभावी तरीके से मुकाबला किया जा सके, लेकिन सुरक्षा प्रक्रियाओं के कारण यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा सीआईएसएफ के लिए इसलिए भी बड़ी चुनौती है क्योंकि इसके 10 परिचालित लाइनों और 303 स्टेशनों पर 12 हजार से अधिक जवान तैनात हैं। यह सीआईएसएफ की सबसे बड़ी इकाई है। विशाल नेटवर्क और लगातार बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए महानिदेशक प्रवीर रंजन ने सुरक्षा तैयारियों के साथ निगरानी एवं रिस्पॉन्स सिस्टम, प्रशिक्षण और जवानों की कार्य परिस्थितियों की समीक्षा की।
प्रकृति पार्क में आयोजित सैनिक सम्मेलन में जवानों से संवाद करते हुए प्रवीर रंजन ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की चुनौती दूसरे प्रतिष्ठानों से अलग है। यहां लाखों यात्री लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवाजाही करते हैं। ऐसे में सुरक्षा के लिए जवानों की सतर्कता के साथ बेहतर प्रशिक्षण और तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने मेट्रो में तैनात जवानों की कार्यप्रणाली और सतर्कता की सराहना भी की। इसके साथ-साथ सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए महानिदेशक प्रवीर रंजन शास्त्री पार्क स्थित ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) पहुंचे। यहां उन्होंने मेट्रो नेटवर्क की निगरानी और किसी आपात स्थिति में कार्रवाई की व्यवस्था की जानकारी ली।
अधिकारियों के साथ चर्चा में इस बात पर जोर रहा कि बदलते और उभरते सुरक्षा खतरों के अनुरूप सुरक्षा तंत्र को तैयार रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई हो और सामान्य यात्री परिचालन प्रभावित न हो। इसके बाद शास्त्री पार्क स्थित कवच ट्रेनिंग सेल में महानिदेशक ने जवानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण और परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने डीएमआरसी के मुख्य सुरक्षा आयुक्त एवं निदेशक (ऑपरेशंस) सुवाशिस चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्री प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। सुरक्षा व्यवस्था के साथ महानिदेशक ने जवानों की सुविधाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने यमुना बैंक में नवनिर्मित पुरुष बैरक का उद्घाटन किया और निर्माणाधीन पुश्ता शकूरपुर बैरक का निरीक्षण कर काम की प्रगति जानी।
सीआईएसएफ के मुताबिक, चौबीसों घंटे मेट्रो सुरक्षा में तैनात जवानों को बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन ढांचागत सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। दौरे के दौरान एडीजी मुख्यालय विजय प्रकाश, आईजी एनसीआर सेक्टर नवज्योति गोगोई और डीआईजी एवं सीआईएसएफ यूनिट डीएमआरसी के कमांडर संतोष चालके सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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