मुंडका : फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत

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Mundka : मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में हुई है। तीनों सुल्तानपुरी के इंद्रा झील इलाके के रहने वाले थे। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने सुरक्षा किट पहनकर टैंक में उतरकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल…

Mundka : मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान अरुण (38), संदीप (32) और चांद (42) के रूप में हुई है। तीनों सुल्तानपुरी के इंद्रा झील इलाके के रहने वाले थे।

हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने सुरक्षा किट पहनकर टैंक में उतरकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दमकल विभाग के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 12:03 बजे ज्वालापुरी फायर स्टेशन को फैक्ट्री नंबर 93/8, मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में कुछ लोगों के सेप्टिक टैंक में फंसे होने की सूचना मिली थी।

रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम होने के कारण टिकरी फायर स्टेशन से एक अतिरिक्त दमकल वाहन भी मौके पर भेजा गया। बचाव कार्य के दौरान हालात को देखते हुए एसडीएम मुंडका को भी मौके पर बुलाया गया।

जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत

शुरूआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने सेप्टिक टैंक की सफाई का ठेका नीरज नामक ठेकेदार को दिया था। नीरज अपने साथ तीनों मजदूरों को लेकर आया था। आशंका है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस भरने के कारण पहले एक मजदूर बेहोश हुआ और उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो मजदूर भी अंदर उतर गए। कुछ ही देर में तीनों गैस की चपेट में आ गए और बाहर नहीं निकल सके।

पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर और गैस जांच उपकरण के टैंक में उतारा गया था। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Avinay