NCR में प्रदूषण पर सख्ती; दो लाख पुराने ट्रक-बस होंगे बाहर, ‘परिवर्तन’ योजना को चार राज्यों की मंजूरी

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NCR Pollution : NCR प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि NCR से प्रदूषण कम करना जरूरी है। इसके लिए जरूरी उपाय के साथ-साथ केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘परिवर्तन’ स्कीम को एनसीआर में शामिल 4 चारों राज्यों में सख्ती से लागू करने की सिफारिश भी की गई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘परिवर्तन’ स्कीम का मुख्य उद्देश्य Delhi-NCR में प्रदूषण कम करना और पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलना है। इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoRTH) के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) द्वारा किया जाएगा…

NCR Pollution : NCR प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि NCR से प्रदूषण कम करना जरूरी है। इसके लिए जरूरी उपाय के साथ-साथ केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘परिवर्तन’ स्कीम को एनसीआर में शामिल 4 चारों राज्यों में सख्ती से लागू करने की सिफारिश भी की गई है।

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘परिवर्तन’ स्कीम का मुख्य उद्देश्य Delhi-NCR में प्रदूषण कम करना और पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलना है। इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoRTH) के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) द्वारा किया जाएगा और इसका कार्यान्वयन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। यह योजना दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के भागीदार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से कार्यान्वित की जाएगी।

इसमें केंद्र सरकार का योगदान 5,041 करोड़ रुपये होगा, जबकि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारें कर रियायतों के रूप में लगभग 1,601 करोड़ रुपये का सहयोग देंगी। इसके तहत बीएस-4 या उससे पुराने मानकों वाले करीब 2 लाख ट्रकों और बसों को बदलकर आधुनिक बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहनों में अपग्रेड किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों को दिया जाएगा बढ़ावा

यहां बता दें कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के दिल्ली और एनसीआर में पुराने वाहनों को लेकर अब सख्त रवैया अपनाया जाएगा। वहीं बीएस छह मानकों वाले और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। मंगलवार को विज्ञान भवन में हुई NCR प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की 42वीं बैठक के बाद बोर्ड अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने स्वीकार किया कि एनसीआर के प्रदूषण में 40 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी ट्रकों और बसों के उत्सर्जन की ही है।

इसीलिए बैठक में इस पर नियंत्रण को लेकर चारों राज्यों- दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने सहमति जताई है। मनोहर लाल ने बताया कि इस संदर्भ में ‘परिवर्तन’ नाम की योजना तैयार की गई है। इसके तहत बीएस-1, 2 और 3 मानकों वाले ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाकर स्क्रैप किया जाएगा। बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

बीएस चार ट्रक-बसों को NCR से बाहर के जिलों में बेचा जा सकेगा। इसके अतिरिक्त बीएस -6 ट्रांजिशन स्कीम के तहत बीएस चार मानक वाले ट्रकों व बसों पर 30 प्रतिशत की छूट मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उक्त योजना को लेकर चारों राज्य अपने अपने यहां परिवर्तन स्कीम को अधिसूचित करेंगे। बीएस-6 वाहनों को स्क्रैप करने या एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों में बेचने की अनुमति होगी।

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Avinay