नई दिल्ली : राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जल्द ही दो अन्य जिलों में भी महिला पीसीआर कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस बाबत पुलिस की कार्रवाई तेजी से चल रही है और मार्च महीने के पहले सप्ताह में दिल्ली पुलिस की महिला पीसीआर की संख्या बढ़ा दी जाएगी। पुलिस सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मौजूदा समय में सिर्फ नई दिल्ली जिले में पांच महिला पीसीआर तैनात की गई हैं जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए सड़कों पर गश्त करती रहती हैं। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर महिला पीसीआर लांच किया गया था, जिसमें तीन पुलिसकर्मी होते हैं। ड्राइवर, कमांडो और पीसीआर इंचार्ज महिलाएं होती हैं जो आपदा के समय में महिलाओं की मदद करती हैं।
इस प्रयोग के पीछे मंशा यह थी कि महिलाएं परेशानी के समय महिला पुलिसकर्मियों से खुलकर अपनी समस्या बता सकती हैं, जबकि पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ वह झिझकती हैं। जब तक पुलिसकर्मी महिलाओं को लेकर थाने पहुंचते हैं और वहां महिला पुलिसकर्मी उनकी समस्या सुनती हैं, तब तक संभवतः देर हो जाती है। लेकिन महिला पुलिसकर्मी वाली पीसीआर में महिलाएं बिना झिझके अपनी समस्याएं बता सकेंगी, जिससे उनकी जल्द मदद की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब दक्षिणी और उत्तर जिले में महिला पीसीआर तैनात किए जाएंगे जो राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा में मददगार होंगे।
मौजूदा समय में नई दिल्ली जिले में सिर्फ पांच महिला पीसीआर हैं, लेकिन अब इनकी संख्या करीब एक दर्जन हो जाएगी। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी पीसीआर की सटीक संख्या नहीं बताई गई है। उन्होंने बताया कि महिला पीसीआर के अलावा वूमेन पराक्रम वैन भी दिल्ली में दौड़ रही हैं, लेकिन वह आम पुलिसिंग के बजाए आतंक निरोधी कार्रवाई का काम करती हैं। ज्यादातर पराक्रम वैन की तैनाती नई दिल्ली जिले में हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीसीआर वैन की संख्या में संख्या बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य राजधानी में पुलिस की मौजूदगी दिखाना है, जिससे राजधानीवासी सुरक्षित महसूस कर सकें।
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– रवि भूषण द्विवेदी


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