नई दिल्ली : केंद्र सरकार के सफदरजंग अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चौपट हो चुकी है। एक तरफ जहां अस्पताल में मरीजों को दवाएं नहीं मिलती, वहीं उचित उपचार न होने की वजह से मरीज ठीक होने की बजाय और गंभीर हो जाता है। रविवार को अस्पताल की ओर से एक और कारनामा सामने आया।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से रेफर होकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचे मरीजों को भर्ती नहीं किया। वह दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसे अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। मरीज के परिजन का आरोप है कि डॉक्टरों ने साफ तौर पर इनकार कर दिया कि आज न तो इलाज हो और न ही भर्ती किया जाएगा। इसलिए सोमवार को आना। बता दें कि, ग्वालियर निवासी सुमित (बदला हुआ नाम) रविवार को लीवर और किडनी दोनों में दिक्कत है।
वह पिछले 10 दिनों से ग्वालियर के ही एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। लेकिन शनिवार रात को अचानक से तबीयत खराब होने की वजह से निजी अस्पताल ने उन्हें एम्स व सफदरजंग के लिए रेफर कर दिया है। चौंकाने वाली बात है कि सुमित के परिजन पहले एम्स पहुंचे जहां पर भर्ती नहीं किया।
इसके बाद सफदरजंग अस्पताल पहुंचे यहां भी डॉक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया। परिजन का आरोप है कि डॉक्टरों ने बगैर कुछ जांच किए सुमित को भर्ती करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा, अगर ऐसे हालात में उनके मरीजों को कुछ हो जाता है तो कौन जिम्मेदार होगा।


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