Delhi News : दिल्ली के सरकारी अस्पताल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जिसने जीटीबी अस्पताल में डेटा एंट्री ऑपरेटर और नर्सिंग असिस्टेंट के पदों पर भर्ती कराने का झूठा दावा कर 22 से अधिक युवाओं से करीब 5.5 लाख रुपये ठग लिए।
एडिशनल सीपी रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों को एसीपी शचींदर मोहन शर्मा की देखरेख में एसआई बिजेंद्र कादयान और एएसआई अरविंद की टीम ने पकड़ा है। जानकारी के अनुसार, यह मामला कृष्ण पाल समेत कई पीड़ितों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मनीष कुमार ने उन्हें बताया था कि जीटीबी अस्पताल में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भर्ती निकली है और उसकी अस्पताल प्रशासन में अच्छी पहुंच है।
आरोपी ने लिए प्रत्येक उम्मीदवार से 20 से 25 हजार रुपये
उसने यह भी दावा किया कि उसके पिता अस्पताल में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं, जिससे वह आसानी से नियुक्ति दिला सकता है। आरोपी की बातों पर भरोसा कर युवाओं ने अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी ने प्रत्येक उम्मीदवार से 20 से 25 हजार रुपये तक सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर वसूल लिए। उसने भरोसा दिलाया कि 45 दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे, लेकिन समय बीतने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली, जब पीड़ितों ने लगातार संपर्क करना शुरू किया तो आरोपी ने फोन बंद कर लिया और फरार हो गया।
जांच के दौरान जीटीबी अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी में स्पष्ट हुआ कि उस समय नर्सिंग असिस्टेंट या डेटा एंट्री ऑपरेटर के पदों के लिए कोई भर्ती प्रक्रिया चल ही नहीं रही थी। अस्पताल ने यह भी पुष्टि की कि मनीष कुमार को किसी भी प्रकार की नियुक्ति कराने का कोई अधिकार नहीं दिया गया था। बैंक खातों की जांच में पीड़ितों द्वारा आरोपी के खातों में धनराशि ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि बीएससी नर्सिंग कर चुके आरोपी को सट्टा और शराब की लत थी तथा कर्ज चुकाने के लिए उसने यह ठगी की साजिश रची थी।
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