ग्रामीण इलाकों में बिछेगा सड़कों का जाल, 2028 तक जारी रहेगी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

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PMGSY Extension 2028: देश के ग्रामीण इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने के लिए सरकार ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-तीन (पीएमजीएसवाई-तीन) को मार्च 2028 तक जारी रखने को मंजूरी मिल गई। योजना के तहत ग्रामीण बस्तियों को ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ने वाले ‘थ्रू रूट्स’ और ‘प्रमुख ग्रामीण लिंक’ का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। सरकार इस योजना पर कुल 83,977 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना के लिए समय सीमा बढ़ने से उन इलाकों में सड़कों…

PMGSY Extension 2028: देश के ग्रामीण इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने के लिए सरकार ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-तीन (पीएमजीएसवाई-तीन) को मार्च 2028 तक जारी रखने को मंजूरी मिल गई। योजना के तहत ग्रामीण बस्तियों को ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ने वाले ‘थ्रू रूट्स’ और ‘प्रमुख ग्रामीण लिंक’ का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। सरकार इस योजना पर कुल 83,977 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस योजना के लिए समय सीमा बढ़ने से उन इलाकों में सड़कों का काम पूरा हो सकेगा जहां कनेक्टिविटी अभी भी एक चुनौती है।

ग्रामीण सड़कों के नियोजित सुधार का कार्य पूर्ण

इससे ग्रामीणों के लिए बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा। अब ग्रामीण सड़कों के नियोजित सुधार का कार्य पूर्ण हो सकेगा, जिससे इसके निर्धारित सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों को पूरी तरह प्राप्त किया जा सकेगा। इससे कृषि और गैर-कृषि उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, परिवहन के समय और लागत में कमी आने से ग्रामीण आय में भी सुधार होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच सुलभ होगी, जिससे विशेष रूप से दूर-दराज और वंचित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही इस योजना के निरंतर कार्यान्वयन से रोजगार के व्यापक अवसर भी पैदा होंगे।

प्रत्यक्ष रूप से निर्माण गतिविधियों के माध्यम

ये अवसर प्रत्यक्ष रूप से निर्माण गतिविधियों के माध्यम से और अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण उद्यमों व सेवाओं को बढ़ावा देकर उत्पन्न होंगे। यह विस्तार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के अंतर को कम करके समावेशी और सतत विकास में योगदान देगा, जो ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के शेष कार्यों को पूर्ण करने की समय-सीमा भी मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर पुलों के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए इस अवधि को मार्च 2029 तक विस्तारित किया गया है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।