नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान करने का सपना संजोए बैठे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हजारों शराणर्थियों को इस बार भी मौका नहीं मिलेगा। संसद के दोनों सदनों की सहमति से बने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बाद शरणार्थियों को उम्मीद थी कि इस बार वे भी वोट कर पाएंगे।
लेकिन अभी उन्हें और इंतजार करना होगा। इस संबंध में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में रह रहे शरणार्थियों का वोटर आईडी कार्ड बनाने के संबंध में किसी प्रकार के निर्देश या दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। नियम व कानून के अभाव में फिलहाल इन शरणार्थियों का पहचान पत्र नहीं बनाया जाएगा।
बता दें कि सीएए के तहत एक तय समय में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आए शरणार्थियों को नागरिकता दी गई है। नागरिकता मिल जाने के बाद इनके पास भी वोट करने का अधिकार होगा। फिलहाल मजनू का टीला, रोहिणी सहित दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में हजारों की संख्या में ये शरणार्थी रह रहे हैं।


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