Delhi News : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में पुलिस की तफ्तीश तेज हो गई है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी शुभम त्यागी ने गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ और मामले की तह तक जाने के लिए कस्टडी की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पीजी ऑपरेटर शुभम त्यागी और सुधांशु को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब दोनों को आमने-सामने बैठाकर अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों में बरती गई लापरवाही को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी।
लीज पर चल रहा था अवैध पीजी
जांच में सामने आया है कि भवन मालिक हरिराम गुप्ता ने शुभम त्यागी को एक फ्लोर लीज पर दिया था, जहां बिना अनुमति अवैध रूप से पीजी चलाया जा रहा था। क्षमता से अधिक लोगों को ठहराने और बिना किसी सुरक्षा मानकों के निर्माण कार्य कराने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
अदालत ने मामले के दो अन्य आरोपियों मकान मालिक के बेटे महेश गुप्ता और लेबर ठेकेदार सनोज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया है। महेश पर पूरी इमारत के कुप्रबंधन का आरोप है, वहीं सनोज बिना स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से काम करवा रहा था।
साउथ कैंपस के पास हुआ था हादसा
सत्य निकेतन का यह क्षेत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के बेहद करीब है, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। पुरानी इमारत ढहने से कई छात्र व कामकाजी युवा मलबे में फंस गए थे। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और अवैध निर्माण की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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