नई दिल्ली : रेगुलर कॉलेज के छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं के मुकाबले स्कूल आॅफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्रों के पास सुविधाएं नहीं है। छात्रों को दिल्ली परिवहन निगम द्वारा रियायती दरों पर बस पास नहीं मिलता। इसके साथ ही छात्रों को लाइब्रेरी में बैठने की अनुमति भी नहीं है। ऐसे ही कई छात्र हितों से जुड़े मामलों को लेकर क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के छात्रों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया।
केवाईएस का कहना है कि एसओएल के छात्रों को आॅल रूट बस पास भी नहीं दिया जाता। छात्रों का आरोप है कि रेगुलर कॉलेज के छात्रों को पांच महीने की वैधता का बस पास मिलता है। वहीं एसओएल के छात्रों को कोई सुविधा नहीं दी जाती। दिल्ली मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी के बाद छात्रों पर दोहरी मार पड़ रही है। छात्रों ने कहा कि बड़े-बड़े वादे करने वाली दिल्ली सरकार उन छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है, जो पहले से ही वंचित हैं। इसके अलावा छात्रों ने कंप्यूटर लैब, स्टडी मेटिरियल आदि मुद्दों को भी उठाया।
छात्रों ने अपने इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके साथ ही प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दिल्ली सरकार द्वारा 20 नए कॉलेज खोले जाने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने और दिल्ली सरकार के अनुदान से चलने वाले सभी कॉलेजों में सांध्य पाली में भी कक्षाएं चलाए जाने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन समस्याओं का संज्ञान लेकर छात्रों को इन पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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