भोपाल : एक तरफ समाजवादी पार्टी ने गठबंधन ना करके कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शिवराज के गृह जिले की बुधनी विधानसभा से सपा नेता अर्जुन आर्या ने सपा का साथ छोड़ दिया। आर्या के सपा से चुनाव लड़ने से इंकार करने के बाद उनके कांग्रेस में जाने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। खबर है कि अर्जुन आर्य 12 अक्टूबर को कांग्रेस में शामिल हो सकते है। आर्या के सपा छोडऩे के बाद पार्टी को बड़ा झटका लगा है। चूंंकी अभी तक आर्या ही सपा से बुधनी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार के तौर पर देखे जा रहे थे।
बताया जाता है कि श्री आर्या की आदिवासी और पिछड़े वर्ग में काफी अच्छी पकड़ है, जिसके चलते उनका नाम आगे किया जा रहा था। इसी बीच आज मध्यप्रदेश के चुनावी दौरे पर पहुंचे अखिलेश ने आर्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह चुनाव की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चुनाव में यह कोई नई बात नहीं है, अगर इसमें कांग्रेस का हाथ है तो उन्होंने ऐसे ही बहुजन समाज पार्टी को नाराज किया था। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब कांग्रेस कमजोर होती है तो जो दल उनके करीब होता है वह है समाजवादी दल।
बता दें कि अर्जुन आर्या बुधनी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ किसान आंदोलन चला रहे हैं। पिछले दिनों आंदोलन के चलते प्रशासन ने उन्हें जेल में बंद भी किया था। सपा युवा नेता की तलाश में थी, इसलिए वह अर्जुन को अपने साथ लाना चाहती थी, लेकिन अर्जुन ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। सूत्रों के मुताबिक अर्जुन 12 अक्टूबर को कांग्रेस की सदस्यता ले सकते है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्जुन दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी कर बुधनी लौटे हैं।
आदिवासियों में उनकी काफी अच्छी छवि है और वह अब विधानसभा क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। वह किसानों और आम लोगों से मिलकर शिवराज के खिलाफ माहौल तैयार कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस उन्हें यहां से टिकट भी दे सकती है। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री का दबदबा रहा है। क्योंकि ये उनकी पारंपरिक सीट है। ऐसे में श्री आर्या के कांग्रेस में शामिल होने पर समीकरण में बदलाव भी देखा जा सकता है।


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