चुनाव आयोग रेल, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में तैनात कर्मियों को डाक मतपत्र से मतदान करने की सुविधा, इस साल के अंत या अगले साल के प्रारंभ में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मुहैया करा देगा। अभी तक इस वर्ग के मतदाताओं को डाक मतपत्र की सुविधा नहीं मिलती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को झारखंड विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुये संवाददाताओं को बताया कि हाल ही में डाक मतपत्र से ई वोटिंग सेवा का विस्तार किये जाने के क्रम में दिव्यांग और 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं को यह सुविधा झारखंड चुनाव में ही मुहैया करा दी जायेगी।
लेकिन आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मियों को इस सुविधा का लाभ दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिलना शुरू हो पायेगा।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में विधि एवं न्याय मंत्रालय ने डाक मतपत्र से मतदान की सुविधा का विस्तार करते हुये ‘अनुपस्थित मतदाताओं’ की परिभाषा को व्यापक करते हुये इसमें दिव्यांग एवं 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले मतदाताओं को भी शामिल करने की गत 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की थी।
मौजूदा व्यवस्था में सैन्य कर्मियों, भारत से बाहर तैनात विदेश सेवा के अधिकारियों और अन्य कर्मियों तथा निर्वाचन प्रक्रिया में तैनात कर्मचारियों को डाक मतपत्र से मताधिकार सुविधा मिली हुयी है।
अरोड़ा ने कहा कि इस अधिसूचना के अनुपालन में आयोग ने दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं को डाक मतपत्र से मतदान की सुविधा को झारखंड विधानसभा चुनाव से ही मुहैया कराने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई वोटिंग सेवा के दायरे में आवश्यक सेवाकर्मियों को भी शामिल करने की कवायद जारी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में इसे लागू कर दिया जायेगा।
अरोड़ा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में दिव्यांग मतदाता और 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं के पास ई वोटिंग के अलावा मतदान केन्द्र में जाकर वोट डालने का भी विकल्प सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि डाक मतपत्र से मतदान के इच्छुक दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिन के भीतर डाक मतपत्र के लिये आवेदन करना होगा। आयोग ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस दिशा में मतदाताओं को सभी जरूरी जानकारियां सभी संभव माध्यमों से मुहैया कराने का निर्देश दिया है।


Download Android App
Download iOS App



