…तिवारी ने पूछे केजरी से पांच सवाल

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नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि हमारा विश्वास है कि राजनीति एवं प्रशासकीय कार्य में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है पर पिछले कुछ दिनों में जो घटनाक्रम दिल्ली में देखा गया है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में दिल्ली के मुख्य सचिव पर हमला किया गया और उसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने बजाय दोषी विधायकों पर कार्रवाई करने के राजनीतिक लीपापोती करने का प्रयास किया है, उसने सबको स्तब्द्ध किया है।

मनोज तिवारी ने कहा है कि बात अगर मुख्य सचिव के साथ हुई हिंसा तक सीमित रहती तो यह कहा जा सकता था कि यह घटना अचानक हुई होगी पर जिस तरह मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विधायक नरेश बाल्यान ने विधायकों की बात न मानने वाले अधिकारियों पर हिंसा का आह्वान किया और मुख्यमंत्री मूक दर्शक बने रहे उससे यह लगता है कि इस सब हिंसा के खेल को उनकी स्वीकृति है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विधायकों द्वारा मुख्य सचिव पर हमला और दो दिन बाद एक विधायक द्वारा फिर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अधिकारियों के साथ मारपीट के आह्वान पर मुख्यमंत्री की चुप्पी यह प्रमाणित करती है कि इस प्रशासकीय कार्य में हिंसा को उनकी स्वीकृति प्राप्त है और इसी संदर्भ में भाजपा उनसे पांच प्रश्न करती है।

  1. क्या मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सीलिंग से कराहती दिल्ली को राहत देने के लिए किसी अफसर से विवाद किया?
  2. खतरनाक हो चुके वायु प्रदूषण पर और एमसीडी के प्रति वर्ष 6,200 करोड़ के फंड की रोक पर सीएम साहब ने कोई आपातकालीन बैठक 12 बजे रात में बुलाई ?
  3. क्या दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की जानलेवा दुर्व्यवहार को ठीक करने और नये 500 स्कूल खोलने के लिए मुख्यमंत्री ने किसी अफसर को धमकाया?
  4. क्या त्रस्त-पस्त नागरिकों की दिल्ली में, अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने के लिए आम आदमी पार्टी विधायकों ने किसी अफसर के साथ दुर्व्यवहार किया ?
  5. क्या ध्वस्त हो चुके पब्लिक ट्रांसपोर्ट के संकट पर मुख्यमंत्री ने किसी अफसर को औचक बैठक में बुलाया?

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Desk Team