नयी दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले अभ्यर्थियों के अंक ऑनलाइन साझा करने का निर्णय लिया है। यह निजी क्षेत्र द्वारा भर्तियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रस्ताव का हिस्सा है। यूपीएससी ने कहा कि अंकों को सार्वजनिक करने से अन्य नियोक्ताओं को अच्छे, नियोजनीय उम्मीदवारों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
यूपीएससी ने कहा कि आयोग ने ऐसे अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योज्ञता और परीक्षा में मिले अंक जैसी सूचनाएं साझा करने का फैसला किया है जिन्होंने परीक्षा के अंतिम चरण (साक्षात्कार) में भाग लिया लेकिन उनके ”नाम की सिफारिश नहीं की गयी”। इन जानकारियों को सार्वजनिक भर्ती एजेंसियों के लिए एकीकृत सूचना प्रणाली से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने यह वेबसाइट विकसित की है। यूपीएससी आवेदन पत्र में इस संबंध में व्यवस्था करेगा जिसमें आवदेक इस योजना का हिस्सा बनने या इससे बाहर रहने का विकल्प चुन सकता है।
आयोग ने कहा, ”इस योजना के तहत आने वाली सभी परीक्षाओं के नोटिस में सूचनाओं का खुलासा करने के बारे में अभ्यर्थियों को आवश्यक निर्देश मुहैया कराए जाएंगे।” इस योजना में सशस्त्र बलों और सीमित विभागीय प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाएं देने वाले अभ्यर्थी शामिल नहीं होंगे। केंद्र सरकार ने गत वर्ष नीति आयोग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी जिसमें भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के अंकों और रैंकिंग को एक पोर्टल के जरिए सार्वजनिक करने का प्रावधान था ताकि बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
इस योजना के तहत ऐसे अभ्यर्थियों का नाम, जन्म तिथि, श्रेणी (एससी, एसटी या दिव्यांग), शैक्षिक योज्ञता, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंक, घर का पता, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर अन्य भर्ती एजेंसियों के लिए ऑनलाइन साझा किए जाएंगे जो परीक्षा के अंतिम चरण में शामिल हुए लेकिन जिनके नाम की सिफारिश नहीं की गयी।
(भाषा)


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