पृथ्वी दिवस के मौके पर इकोस्फेयर ने अपने अथाह प्रवाह अभियान के तहत सोनिया विहार में यमुना नदी के किनारे जल अर्पण और यमुना आरती कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान नदियों के घटते प्रवाह पर जन संवाद भी हुआ। लोगों ने नदी से जुड़ी अपनी यादें साझा की, और प्रवाह को बरकरार रखने का संकल्प लिया।
इकोस्फेयर के महासचिव प्रशांत गुंजन ने कहा, ‘आज भागमभाग दुनिया में सभी ने अपनी जरूरतें बढ़ा ली हैं। लेकिन जलस्रोतों की परवाह करना छोड़ दिया है। इसका प्रमुख कारण लोगों का जलस्रोतों से कटाव है। अथाह प्रवाह अभियान के तहत लोगों को जल स्रोत के नजदीक लाकर पानी की दुर्दशा के प्रति संवेदनशील बनाना है। साथ ही अपनी संस्कृति व परंपराओं में निहित जल संरक्षण के पूरे सिस्टम के सहारे पानी का प्रबंधन करना है।’
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औद्योगिक सलाहकार डॉ. रोहित मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार इंसान ऑक्सीजन के लिए पाइप से जुड़ा रहता है, वैसे ही आज का समाज पानी के लिए पाइप से जुड़ा है। अत: जल स्रोतों की दशा सुधारने का प्रयास करना जरूरी है।
हिंदी कवि भुवनेश सिंघल ने कहा कि अभियान आज जलसंकट के लिए बेहद उपयोगी है, और जलस्रोतों की सुधि लेना और उनकी दशा व प्रवाह अथाह बनाए रखना आज की जरूरत है।
कार्यक्रम का समापन यमुना आरती व इस संकल्प के सहारे किया गया कि यमुना के जल को आचमन लायक बनाने के लिए व्यक्ति व समाज के स्तर पर पूरी संजीदगी से काम किया जाएगा।
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