कहते है नाम में क्या रखा है लेकिन नाम को लेकर कोर्ट कचहरी तक हो जाती है। यहां तक की नाम को सुरक्षित भी कर लिया जाता है, जिसकी एक कानूनी प्रक्रिया भी होती है। इन सब के बावजूद भी नाम को लेकर आए दिन विवाद समाने आते रहते है। नाम का विवाद राजनीति के गलयारो का हो तो वह सुर्खियों में रहेगा ही। विपक्षी गठबंधन इंडिया को लेकर राजनीतिक हलकों में शुरुआत में चर्चा का विषय रहा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या वे देश का नाम बदलकर भारतीय जनता पार्टी कर देंगे? ब्लॉक भारत में बदल जाता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इंडिया विपक्षी दलों का गठबंधन
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि विपक्षी गुट ने खुद को नाम दिया है – इंडिया। उन्होंने कहा, ”मेरे पास इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन प्रेस के माध्यम से मुझे पता चला। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इंडिया विपक्षी दलों का गठबंधन है। अगर कोई उनके नाम से पार्टी बनाएगा तो क्या वे देश का नाम बदल देंगे? यह 140 करोड़ लोगों का देश है।
बीजेपी को वोटो की चिंता
क्या होगा अगर इंडिया ब्लॉक कल बैठक कर अपना नाम बदलकर भारत करने का फैसला करे? तो क्या वे भारत का नाम बदलकर बीजेपी कर देंगे?” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि उन्हें वोटों की चिंता है। भारत बन चुका है और बीजेपी को लग रहा है कि उन्हें 4 वोट और कैसे मिलेंगे। वे यह सब सिर्फ वोट के लिए कर रहे हैं।’ यह देश के साथ विश्वासघात है।


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