नई दिल्ली : साउथ एमसीडी में निर्विरोध चुनी गईं नवनिर्वाचित महापौर सुनीता कांगड़ा ने कहा हैं कि पिछले महापौरों के पदचिह्नो पर चलकर पार्टी व नेताओं से सलाह करके साउथ एमसीडी के अधूरे कामों को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगी। इसके अलावा कांगड़ा ने महापौर के तौर पर अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं। नवनिर्वाचित महापौर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने स्वच्छता को अपनी प्राथमिकता सूची में टॉप पर रखा है।
इसके अलावा पर्यावरण और शिक्षा को भी उन्होंने प्राथमिकता दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि कितना भी प्रयास कर लिया जाए, लेकिन समस्याएं तो रहेंगी हीं। कांगड़ा ने कहा कि वह स्वच्छता, शिक्षा के विस्तार और इसे गुणवत्तापूर्ण बनाने तथा पार्किंग की समस्या के समाधान को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बढ़ते शहरीकरण से चुनौतियां भी बड़ी हो रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए पार्टी और अधिकारियों से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के उपरांत मिलकर काम किया जाएगा।
स्वच्छता अभियान के बारे में महापौर ने कहा कि इसे और भी अधिक प्रभावी जनांदोलन बनाना होगा। स्वच्छता के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल करने के लिए आवश्यक है कि सफाई कर्मचारियों की कठिनाइयों को दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इन कर्मचारियों की संख्या में कमी दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। नवनिर्वाचित महिला महापौर ने कहा कि संपत्तिकर के संकलन में 2018-19 में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 944 करोड़ तक जा पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर निगम क्षेत्र को और अधिक सुविधा संपन्न बनाएंगे ताकि द.दि.न.नि का देश में नाम रोशन हो सकेगा। बता दें कि कांगड़ा रिजर्व कैटेगरी से साउथ एमसीडी की पहली महिला महापौर हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। कांगड़ा दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा के मंत्री और भाजपा जिला संगठन मंत्री के रूप में काम कर चुकीं हैं। नवनिर्वाचित महापौर सुनीता कांगड़ा ने कहा कि मादीपुर वार्ड से 2017 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में विजय प्राप्त की है। यह सीट भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार जीती है।
चुने गए तीन नए सदस्य
वार्ड नंबर 35-एस से निगम पार्षद राजदत्त उपमहापौर चुने गए हैं। इनको भी निर्विरोध चुना गया। इसके अलावा स्टैंडिंग कमेटी की खाली हुई तीन सीटों के लिए कांग्रेस से वेदपाल और भाजपा से पूर्व महापौर नरेंद्र चावला और भूपेंद्र गुप्ता का चयन किया गया। हालांकि, पांच पार्षदों ने इन तीन सीटों के लिए नामांकन किया था, लेकिन आम आदमी पार्टी के अब्दुल वाजिद खान और भाजपा के कर्नल बी.के ऑबराय द्वारा नाम वापस लिए जाने के बाद नरेंद्र चावला, भूपेंद्र गुप्ता और कांग्रेस के वेदपाल को विजयी घोषित किया गया।
सोमवार को महापौर पद की लेंगी शपथ
पूर्वी नगर निगम में महापौर पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अंजू कमलकांत सोमवार को महापौर पद के लिए शपथ ग्रहण करेंगी। क्योंकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षदों की तरफ से महापौर पद के लिए नामांकन नहीं किए जाने से उनका महापौर बनना तय हो गया है। हालांकि, इस दौरान स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होगा।
खास बात है जिन तीन प्रत्याशियों ने स्थायी समिति सदस्य के लिए नामांकन किया है, उनका भी जीतना तय है। क्योंकि यहां तीन पद स्थायी समिति सदस्य के लिए खाली थे, जिसकी वजह से उनका जीतना भी दिख रहा है। फोनपर बात चीत के दौरान के अंजू कमलकांत ने कहा कि पूर्वी दिल्ली में फिलहाल सफाई सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या को समाप्त करने के लिए वह हर कदम उठाएंगी।


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