नई दिल्ली : नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने गुरुवार को भाजपा विधायकों के साथ उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलकर दिल्ली सरकार की शिकायत की है कि उसने एक लाख से भी अधिक गरीब ऑटो रिक्शा चालकों से वर्ष 2016 से जीपीएस चार्ज के नाम पर करोड़ो रुपये वसूले, जबकि केन्द्र द्वारा जारी किए गए अध्यादेश के अनुसार ऑटो रिक्शाओं को इस कर से मुक्त रखा गया था।
केन्द्र सरकार ने निर्भया योजना के अंतर्गत बसों इत्यादि जैसे सार्वजनिक वाहनों को जीपीएस स्थापित करने के आदेश दिए थे, लेकिन ऑटो रिक्शाओं और ई-रिक्शाओं को इससे मुक्त रखा था। इसके बावजूद भी दिल्ली सरकार ने ऑटो रिक्शा चालकों से जीपीएस चार्ज वसूल किया। विजेन्द्र गुप्ता ने उपराज्यपाल से दिल्ली सरकार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की और इसके साथ ही साथ गैरकानूनी तरीके से वसूले गए जीपीएस चार्ज को वापिस देने की मांग की।
उपराज्यपाल से भेंट करने वालों में विधायक ओमप्रकाश शर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा व जगदीश प्रधान मौजूद थे। इसके साथ ही साथ ई-रिक्शा, ग्रामीण सेवा, ऑटो रिक्शा, फटफट सेवा और आईआरटी टेक्सी सेवा यूनियनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उन्होंने ऑटो रिक्शा चालकों के हित में हाल ही में घोषित की गई रियायतों को अन्य सार्वजनिक वाहनों को भी देने की मांग की।
नेता विपक्ष ने उपराज्यपाल को जानकारी दी कि केन्द्र सरकार के सड़क यातायात तथा राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वर्ष 2016 में जारी किये गये नोटिफिकेशन के अनुसार ऑटो रिक्शा चालकों निर्भया योजना के अंतर्गत जीपीएस चार्ज से मुक्त रखा गया था, लेकिन उसके बावजूद भी दिल्ली सरकार ऑटो रिक्शा चालकों से इस कर के रूप में 1200 प्रति वर्ष वसूल करती रही। इसके अतिरिक्त सरकार ने इस राशि पर जीएसटी भी वसूल किया।


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