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क्या होती है आर्टिफिशियल बारिश, जिसकी थी दिल्ली वालों को आस

दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए राजधानी की सरकार आर्टिफिशियल बारिश की तैयारी कर रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं की आखिरकार आर्टिफिशियल बारिश होता क्या है? और इससे दिल्ली वासियों को क्या फायदा मिलने वाला है ? हालांकि इस विषय में दिल्लीवासियों की जानने की जिज्ञासा काफी ज़्यादा है, क्योंकि दिल्ली सरकार एक ऐसा कदम उठा रही है जिससे दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगा। आईये जानते हैं कि आखिरकार ये है क्या ? 

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क्या है आर्टिफिशियल बारिश ?

आर्टिफिशियल बारिश ये वो प्रक्रिया है जिस दौरान बारिश न होने पर किसी ख़ास तकनीक के ज़रिये बादलों में बरसात के बीज डालकर उनसे वर्षा करवाई जाती है। इस तकनीक को क्लाउड सीडिंग भी कहते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है की ये प्रक्रिया कामगार नहीं होती है।  हालांकि जब ये प्रक्रिया कराई जाती है तब  बीज के रूप में सिल्वर आयोडाइड, पोटैसियम क्लोराइड और सोडियम क्लोराइड का उपयोग किया जाता है।

भारत के इन जगहों पर पहले हो चुकी है आर्टिफिशियल बारिश

भारत में पहले आर्टिफिशियल बारिश तेलंगाना तमिलनाडु और कर्नाटक में कराई गई थी। हालांकि यह शोध किया गया कैसे से किसी भी प्रकार की कोई प्रगति नहीं हुई और दिल्ली सरकार शहर में खतरनाक प्रदूषण से निपटारा पाने के लिए कृत्रिम बारिश की प्रक्रिया को अपनाने वाली है। साथी इस पर होने वाले सभी खर्चों को खुद ही उठाने वाली है।

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