हिमाचल को टूरिज्म कैपिटल ऑफ इंडिया बनाने का लक्ष्य

Summary :

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का विक्रांत सूद के साथ साक्षात्कार हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल आज 11 दिसम्बर को पूरा हो गया। तीन साल पूरा होने पर आज मंडी में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सरकार ने इस कार्यक्रम को जनता को समर्पित जन संकल्प सम्मेलन करार दिया है। कार्यक्रम में पिछले तीन वर्षों के दौरान वर्तमान राज्य सरकार द्वारा व्यवस्था परिवर्तन पहल के माध्यम से हासिल सकारात्मक परिवर्तन को प्रदर्शित किया जाएगा। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तियों और सरकारी…

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का विक्रांत सूद के साथ साक्षात्कार

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल आज 11 दिसम्बर को पूरा हो गया। तीन साल पूरा होने पर आज मंडी में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सरकार ने इस कार्यक्रम को जनता को समर्पित जन संकल्प सम्मेलन करार दिया है। कार्यक्रम में पिछले तीन वर्षों के दौरान वर्तमान राज्य सरकार द्वारा व्यवस्था परिवर्तन पहल के माध्यम से हासिल सकारात्मक परिवर्तन को प्रदर्शित किया जाएगा। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इस कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिस दिन से कार्यकाल संभाला है, उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल की बात की है। आर्थिक, आपदा और राजनीतिक मोर्चों पर गंभीर चुनौतियों के बावजूद मौजूदा सरकार ने सीमित संसाधनों के होते हुए भी लोगों को राहत देने का काम किया है।
इन तीन वर्षों में सीएम सुक्खू अपने सख्त निर्णयों के लिए जाने जाते रहे हैं। प्रदेश की बेहतरी और आम जनता के लिए लीक से हटकर काम करने की सोच के साथ सत्ता में आये सीएम ने बहुत से ऐसे निर्णय लिए हैं जो आज से पहली की सरकारें लेने में कहीं ना कहीं गुरेज करती रहीं हैं।
आम आदमी के मुख्यमंत्री के रूप अपनी पहचान बनाने की ओर सुक्खू अग्रसर हैं। सीएम वीआईपी कल्चर के खिलाफ हैं और आम लोगों के बीच आम आदमी की तरह रहना पसंद करते हैं। आम परिवार से निकल कर वह सीएम पद तक पहुंचे हैं।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू सेेे पंजाब केसरी दिल्ली के साथ खास बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश
प्रश्न : व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए किन तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया
उत्तर : सत्ता संभालने के बाद 40 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को बदलने के लिए नियम और कानूनों में बदलाव किया। शुरू शुरू में अड़चनें भी आईं। अधिकारी नियमों और कानूनों का हवाला देते थे। उन्हें अपनी योजनाओं से अवगत करवाया और स्पष्ट किया कि हम व्यवस्था परिवर्तन के लिए आये हैं। आपदा राहत राशि में सरकार ने बढ़ोतरी की। पीएम आवास योजना में डेढ़ लाख मिलते हैं जबकि हिमाचल सरकार आपदा प्रभावित परिवारों को आठ लाख रुपये दे रही है। व्यवस्था परिवर्तन के तहत पहला महत्वपूर्ण फैसला उन परिवारों के लिए किया जिनके मकान उजड़ गए, बेघर हो गए। पीएम आवास योजना में मिलने वाले 1.50 लाख में तो सिर्फ़ एक कमरा बन पाता है, हमने 8 लाख रुपये की राशि निर्धारित की।
दूसरा, शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कई स्कूलों को मर्ज किया गया है व शिक्षकों की भर्ती की गई है। बीजेपी के समय हम 21वें स्थान पर थे। पांचवीं कक्षा का बच्चा दूसरी कक्षा की किताब नहीं पढ़ पाता था। आज हिमाचल राष्ट्रीय शिक्षा सूचकांक में शिक्षा के क्षेत्र में 21वें से पांचवें पायदान पर पहुंच गया है। सीबीएसई स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, डे-बोर्डिंग स्कूल बनाए जा रहे हैं। आने वाले समय में सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा होगा।
तीसरा, स्वास्थ्य के क्षेत्र पर सरकार पूरा ध्यान दे रही है। प्रदेश में कई अस्पताल और मेडिकल कॉलेज लगभग 20 साल पुरानी मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन वर्तमान सरकार इसके स्थान पर एम्स की तर्ज पर आधुनिक मशीनरी स्थापित कर रही है। आईजीएमसी शिमला, टांडा चिकित्सा महाविद्यालय तथा चमियाणा स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रहीं हैं। पहली बार रोबोटिक सर्जरी, 3-टेस्ला एमआरआई, पैट स्कैन, लीनियर एक्सेलरेटर पर काम शुरू किया गया है। हमने कमियों को पहचाना। 40 साल से हेल्थ डायरेक्टरेट और डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन में अलग-अलग कैडर नहीं थे। हमने पैरामेडिकल कैडर अलग किया और अब मेडिकल कॉलेज कैडर को भी अलग कर रहे हैं। ये कमी दूर करके हम स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर कर रहे हैं। इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाए जा रहे हैं, जहां सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर नियुक्त होंगे। पीएचसी और सीएचसी में डॉक्टरों की कमी भी पूरी की जा रही है।
प्रश्न : आगे के दो सालों के कार्यकाल में किन मुख्य कार्यों पर फोकस रहेगा?
उत्तर : हम पर्यटन क्षेत्र को बहुत आगे बढ़ाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हिमाचल में एक बड़ा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बने। हाई-एंड टूरिज़्म बढ़ाने के लिए बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ज़रूरी है। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं और इसे जल्द आगे बढ़ाएंगे। सरकार चाहती है कि हिमाचल की टूरिज्म कैपिटल ऑफ इंडिया के रूप में पहचान बने। पर्यटन से जीएसटी में बड़ा योगदान आता है। इसलिए पर्यटन, डेटा स्टोरेज, आईटी, प्राकृतिक खेती और फूड प्रोसेसिंग पर हमारी सरकार ज़ोर दे रही है।
प्रश्न : कोई ऐसे काम जो आप चाहते थे कि सीएम बनते ही पूरे हों जाएं और वो हो गए
उत्तर : हां, मैंने जो सुधार सोचे थे, वो हुए हैं। अनाथ बच्चों को सहारा मिला है। 27 साल की उम्र तक सरकार उनकी देखभाल करेगी। हर महीने 4000 रुपये दे रही है, पूरी पढ़ाई का खर्च उठा रही है, 15 दिन घूमने का भी प्रावधान किया है। विधवाओं के बच्चों की पूरी पढ़ाई सरकार करवा रही है। आम नागरिक जिनकी आय 12 लाख से कम है, को 1 प्रतिशत ब्याज पर हायर एजुकेशन लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रश्न : सुक्खू भाई, जैसा ज्यादातर लोग आपको बोलते हैं, में क्या सीएम बनने के बाद कोई बदलाव आया है ?
उत्तर : नहीं, मुझे कोई बदलाव नहीं लगा। मैं आज भी आम लोगों की तरह घूमता हूं। मैं सुरक्षा भी लेना नहीं चाहता पर जेडप्लस सुरक्षा सीएम प्रोटोकॉल के हिसाब से चलती है। मैं वीआईपी कल्चर में विश्वास नहीं रखता।
प्रश्न : राहुल गांधी के वोट चोर , गद्दी छोड़ अभियान पर क्या कहेंगे ?
उत्तर : जब राहुल गांधी जी ने बात उठाई है तो उसमें कुछ सच्चाई होगी। लोकतंत्र इससे कमज़ोर होता है और इसकी जांच होनी चाहिए।
प्रश्न : भाजपा का कहना है कि केंद्र से पूरी मदद मिल रही है
उत्तर : बीजेपी झूठ बोलती है। हिमाचल को अगर 5000 करोड़ की मदद दी गयी है, तो इसकी कोई चिट्ठी वह दिखाएं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने प्रदेश के लिए जो 1500 करोड़ दो महीने पहले घोषित किये हैं, भाजपा नेता उसे दिलवाने में सहयोग करें।
प्रश्न : भाजपा में आप गुटबाजी की बात करते हैं, उस पर क्या कहेंगे
उत्तर : भाजपा पांच गुटों में बंटी है। एक गुट एक जगह नारे लगाता है, दूसरा गुट दूसरी जगह। आने वाले समय में इनकी लड़ाई और तेज़ होगी।
प्रश्न : विपक्ष का कहना है कि 2027 के चुनावों में कांग्रेस की इतनी ही सीटें आएंगी कि वह लोग आल्टो में फिट हो जाएंगे
उत्तर : आल्टो मेरी गाड़ी है। पर 2027 में कांग्रेस जीतकर 52- सीटर वॉल्वो में आएगी।
प्रश्न : कांग्रेस ने चुनावों के समय 10 गरेंटियाँ दी थीं, उन पर क्या कहेंगे
उत्तर : हमारी 10 में से 6 गारंटियां पूरी हो चुकी हैं। बचे दो वर्षों में बाकी सारी गारंटियां पूरी कर देंगे।
सीएम सुक्खू ने कहा कि ….
1. चिट्टे के खात्मे के लिए सरकार ने निर्णायक लड़ाई शुरू की है। सीएम का कहना है कि यह नया हिमाचल है और जब तक चिट्टे का अंतिम अंश भी समाप्त नहीं हो जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। चिट्टे की सूचना देने वालों को नशे की मात्रा के हिसाब से इनाम देने की भी घोषणा की गई है। साथ ही वर्षों से पीआईटी एण्ड एनडीपीएस अधिनियम को लागू नहीं किया गया था, लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसे प्रभावी रूप से लागू किया है।
2. खेल के क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आकर्षक प्रोत्साहन देने के साथ-साथ सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मानकों के खेल ढांचे के विकास पर भी कार्य किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में खेल मैदानों और अत्याधुनिक खेल अवसंरचना के निर्माण एवं रखरखाव के लिए लगभग 38 करोड़ आवंटित किए गए।
3. सरकार के प्रयासों से हिमाचल तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का हब बनने की ओर अग्रसर है। वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य में आयोजित किए गए रोजगार मेलों, संयुक्त प्लेसमेंट ड्राइव और कैंपस भर्तियों के माध्यम से हजारों युवाओं कोे रोजगार मिला है।
4. राजस्व लोक अदालत के माध्यम से मिशन मोड में लंबित मामलों को निपटाया जा रहा है। राज्य की इस प्रमुख पहल से लाखों लंबित राजस्व मामलों का निपटारा किया गया है। 5 लाख के करीब इंतकाल हो चुके हैं।
5. हिमाचल सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा सुधार के क्षेत्र में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है।
6. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना ने राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में नई राह दिखाई है। ई-टैक्सी सेवाएं शुरू कर बेरोजगार युवा ना केवल आर्थिक तौर पर सशक्त हो रहे हैं बल्कि यह पहल हरित ऊर्जा और प्रदूषण रहित परिवहन को भी बढ़ावा दे रही है।
7. प्रदेश सरकार की नीतियों और सकारात्मक सोच से बागवानी क्षेत्र भी सशक्त हो रहा है। भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने के बावजूद वर्ष 2025 का सेब सीजन हिमाचल में बहुत सफल सीजन रहा।
8. प्रदेश सरकार राज्य के कर्मचारियों एवं पैंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कर्मचारी सरकार की रीढ़ की तरह कार्य करते हैं। प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओपीएस बहाल की। इससे प्रदेश के लगभग 1 लाख 36 हजार कर्मचारी लाभावित हुए हैं।

Team Desk