सुशासन की राह पर अग्रसर हरियाणा

Summary :

सुशासन दिवस के अवसर पर मैं भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को सादर नमन करता हूं, जो सुशासन और जन-कल्याण के आदर्श प्रतीक रहे हैं। सुशासन-जिसका मूल अर्थ है समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सार्वजनिक कार्यों और संसाधनों का प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी प्रबंधन। हरियाणा सरकार का मूल मंत्र भी यही रहा है और आज भी बना हुआ है। ई-गवर्नेंस के मार्ग पर चलते हुए बीते ग्यारह वर्षों में हमारी सरकार द्वारा प्रशासन के आधुनिकीकरण, समयबद्ध और बाधारहित सेवा वितरण सुनिश्चित करने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए ठोस और निर्णायक…

सुशासन दिवस के अवसर पर मैं भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को सादर नमन करता हूं, जो सुशासन और जन-कल्याण के आदर्श प्रतीक रहे हैं।
सुशासन-जिसका मूल अर्थ है समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सार्वजनिक कार्यों और संसाधनों का प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और समावेशी प्रबंधन। हरियाणा सरकार का मूल मंत्र भी यही रहा है और आज भी बना हुआ है। ई-गवर्नेंस के मार्ग पर चलते हुए बीते ग्यारह वर्षों में हमारी सरकार द्वारा प्रशासन के आधुनिकीकरण, समयबद्ध और बाधारहित सेवा वितरण सुनिश्चित करने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए गए हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री और महान राजनेता भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी, जिनका जन्मदिवस 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है, वे भारत में सुशासन के प्रतीक के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उनका शासन मॉडल वैचारिक प्रतिबद्धताओं और व्यावहारिक, समावेशी तथा जन-केंद्रित प्रशासन के संतुलन से परिपूर्ण था। उनका दृढ़ विश्वास था कि शासन का उद्देश्य लोगों के जीवन में सुधार लाना और विशेष रूप से गरीबों तथा वंचितों का कल्याण सुनिश्चित करना है। श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का हरियाणा से विशेष लगाव था। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर हरियाणा का दौरा और प्रवास किया। यह बड़े ही संयोग की बात है कि 24 दिसंबर, 1987 के ही दिन भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए भी पधारे थे। श्री वाजपेयी जी की सोच से प्रेरणा लेते हुए और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए, जिसके अनुसार सुशासन के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी आवश्यक है तथा ई-गवर्नेंस इसका प्रमुख साधन है। हरियाणा सरकार ने व्यापक नीतियों में सुधार किए हैं। हमारा मानना है कि नीतिगत निर्णय हितधारकों की नब्ज टटोलने के बाद लिए जाते हैं। सार्वजनिक हित की सेवा के लिए कानून के शासन और सहभागिता के सिद्धांतों का उपयोग करते हुए निर्णय लिए जाते हैं जिससे समान विकास और नागरिकों का सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।
राज्य सरकार जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सामान्य व्यक्ति के लिए जीवन को सरल बनाना और उद्योग के लिए कारोबार करना आसान बनाना हमारा लक्ष्य है। भारत को ई-गवर्नेंस के माध्यम से रूपांतरित करने की प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना को साकार करने और लोगों तथा कल्याणकारी योजनाओं के बीच की दूरी को शून्य करने के लिए अनेक ई-हस्तक्षेप किए गए हैं जिससे आज हरियाणा में अधिकांश सेवाएं केवल एक क्लिक की दूरी पर हैं।
सुशासन सुधारों ने लोगों को उनके घर बैठे या नजदीकी सामुदायिक सेवा केन्द्रों पर जाकर सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। वर्षों से अनसुलझे मामलों को सुलझाने में सक्षम फोरेंसिक व्यवस्था से लेकर एआई-सक्षम आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों तक, महिलाओं की सुरक्षा पहलों से लेकर परिणामोन्मुख साइबर अपराध नियंत्रण तक हरियाणा पुलिस मानवीय दृष्टिकोण के साथ नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग में नए मानक स्थापित कर रही है। हरियाणा का तकनीक-संचालित शासन मॉडल दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए नागरिकों को सशक्त बना सकते हैं। भूमि और राजस्व अभिलेखों का आधुनिकीकरण एक मील का पत्थर साबित हुआ है। करोड़ों पृष्ठों के राजस्व अभिलेखों को स्कैन, सत्यापित और डिजिटाइज़ करके हरियाणा ने न केवल महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संरक्षित किया है, बल्कि नागरिकों के लिए उनकी आसान उपलब्धता भी सुनिश्चित की है। प्रभावी भूमि शासन आर्थिक स्थिरता और सामाजिक न्याय की आधारशिला है। भूमि स्वामित्व को आर्थिक समावेशन और ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण कारक मानते हुए हरियाणा ने स्वामित्व योजना (SVAMITVA) लागू की है, जो संपत्ति अधिकारों को सुरक्षित करने की एक परिवर्तनकारी पहल है।
चूंकि सुशासन पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित होता है, हरियाणा ने प्रशासनिक प्रणालियों को अधिक पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पंजीकरण कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया गया है और ई-दिशा केंद्रों के माध्यम से सेवाओं का विकेंद्रीकरण कर उन्हें घरों के नजदीक लाया गया है। सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्टता और नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2025 शुरू की है, ताकि असाधारण समर्पण और नवाचारी कार्यशैली का प्रदर्शन करने वाले सरकारी कर्मचारियों को प्रोत्साहन और सम्मान दिया जा सके।
यह तो केवल हरियाणा सरकार की ओर से एक शुरुआत है। राज्य सरकार जनता की बेहतर सेवा के लिए सुधारों की गति को और तेज करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। हरियाणा सुशासन के राजमार्ग पर आगे बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा को यूं ही नभशिखर की ओर ले जाने के लिए हमारी सरकार संकल्प शक्ति से विकास समृद्धि की ओर कदम दर कदम आगे बढ़ती जाएगी। हमारा संकल्प ही हमारा सुशासन है। राज्य के विकास और पारदर्शी शासन को सफल बनाने में आपका सहयोग अपेक्षित है।

Team Desk