एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए अपनी ज्यादा सुविधाओं और जल्दी पहुंचने की खातिर लोग पैसे की परवाह नहीं करते और हवाई यात्रा को चुनते हैं लेकिन पिछले कई वर्षों से भारत में हवाई यात्रा की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं। देश में एयरपोर्ट तो नये-नये बन रहे हैं नये-नये विमान एयरलाइन कंपनियां ला रही हैं और अगर रिकॉर्ड देखा जाए तो हवाई यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा कदम-कदम पर खतरे में है। इसी का जवाब आज समय मांग रहा है। अभी पिछले हफ्ते ही आसमान में उड़ रहा एक विमान जिसमें सैकड़ों यात्री सवार थे टर्बुलेंस के चलते 600 फीट नीचे आ गया और 20 यात्री घायल हो गए। इसी कड़ी में दो दिन पहले दिल्ली से एक विमान का एसी दो घंटे के लिए खराब रहा और आजकल के उमस भरे वातावरण में यात्री त्राहि-त्राहि कर उठे। विमान में पांच गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को कितनी तकलीफ हुई होगी, इसका जवाब कौन देगा। अभी पिछले साल 12 जून का वह किस्सा याद कर लीजिए जब एक बोइंग विमान जो अहमदाबाद से उड़ा था और उड़ते ही जमीन पर गिर गया सभी 260 लोगों की जान चली गयी। अभी इस हादसे की अंतिम रिपोर्ट भी सामने नहीं आ पायी कि ऊपर लिखे ये दो नए हादसों जैसे किस्से सामने आ गए।
तकनीकी खामियां अगर हो रही हैं तो इस विमान प्रणालियों का सिस्टम डीसीजीए को बनाना होगा। विमानों में रखरखाव कैसा है और उपकरण ठीक हैं या नहीं यह सारा एक जटिल सिस्टम है जिसमें पायलट, एयरलाइन स्टाफ और इंजीनियरों की भूमिका होती है। दु:ख इस बात का है कि अगर पायलट शराब पीकर विमान उड़ा दे या गांजा पी लेता है तो उन यात्रियों का क्या कसूर है जिन्होंने भारी कीमत देकर टिकट खरीदी। पिछले हफ्ते गांजा पीकर विमान उड़ाने वाले पायलट के बारे में जो वीडियो वायरल हो रहे हैं उनमें साफ दिखाई दे रहा है कि वह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और किसी पार्टी में हिस्सा लेने के बाद विमान उड़ाने आ गया। यह फ्लाइट फुकेट से दिल्ली के लिए चली थी। सच बात तो यह है कि विमान उड़ाने वाला पायलट केवल एक कर्मचारी नहीं होता बल्कि वह सैकड़ों लोगों की जिंदगी अपने हाथ में लेकर चलता है। इसीलिए पायलटों के लिए मदिरा प्रतिबंधित है। लेकिन दो दिन पहले पायलटों की ड्रग्स स्क्रीनिंग के दौरान उसके गांजा पीने की रिपोर्ट सामने आयी। यह एक अपराध है और ऐसे पायलटों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा निश्चित की जानी चाहिए ताकि दोबारा यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ न हो सके। हालांकि इस कड़ी में सभी पायलटों का डोप टैस्ट जरूरी कर दिया गया है। मेरा मानना है कि सेफ्टी के लिए अन्य टैस्ट नियमों का भी रिव्यू किया जाना चाहिए।
अगर विमानों के एसी खराब हैं तो इसके लिए कौन जिम्मेवार है आखिरकार एयरलाइन स्टाफ या मैनेजमेंट, इतनी बड़ी सुरक्षा खामी को अगर पकड़ नहीं सकते तो लोगों के लिए खतरा ही खतरा है। इसी कड़ी में कई तकनीकी त्रुटियां उपकरणों में आती रहती हैं जो सुर्खियां बनती रही हैं तो ऐसे में विमानों की सबसे बड़ी संस्था डीजीसीए क्या कर रही है। अगर इन सबकी सरप्राइज चैकिंग की जाये तो बहुत कुछ कंट्रोल किया जा सकता है। मेरा यह भी मानना है कि किसी भी सूरत में सुरक्षा के मामले में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। एयरक्राफ्ट में इंजन चेकिंग, एसी सिस्टम और हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच नियमित होनी चाहिए। इस हादसे के 12 दिन बाद बताया जा रहा है कि इस विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम भी बंद था। जहाजों की जांच एक संचालन संस्था डीजेसीए को भी इस मामले में ढीले एवं लचर रवैये से ऊपर उठकर यात्रियों की सेफ्टी के बारे में उपाय सुनिश्चित करने चाहिए। अगर निगरानी सख्त होगी तो सब कुछ ठीक रहेगा। यह बात पक्की है कि पायलटों को और एयलाइन स्टाफ को ढेरों सुविधाएं उनके वेतन के अलावा मिलती हैं। अगर उनका व्यवहार केवल अपने तक सीमित है और यात्रियों की सुरक्षा की उन्हें परवाह ही नहीं है तो फिर हवाई यात्रा किस काम की। हादसे के बाद कोई कार्यवाही अगर की जाये तो उसका कोई फायदा नहीं। आग लगने से पहले ही पानी की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। सांप निकल जाने के बाद लकीर पीटने का कोई फायदा नहीं। समय से पहले व्यवस्था कर लेनी चाहिए। एयर लाइन कम्पनियों की जवाबदेही तय किया जाना जरूरी है। पूर्व में हादसों की जांच का पता नहीं चलता और नए हादसे घटित हो जाते हैं इन्हें रोकना ही प्राथमिकता होनी चाहिए। विदेशों की तुलना में हमारे यहां हवाई यात्रा बहुत असुरक्षित है। एयरपोर्ट और विमानों की तरक्की से कोई फायदा नहीं अगर यात्री ही सुरक्षित नहीं। एयरलाइन कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि यात्रियों की सुरक्षा शत-प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। यही समय की मांग है।
क्या सुरक्षित है हवाई यात्रा?
Summary :
एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए अपनी ज्यादा सुविधाओं और जल्दी पहुंचने की खातिर लोग पैसे की परवाह नहीं करते और हवाई यात्रा को चुनते हैं लेकिन पिछले कई वर्षों से भारत में हवाई यात्रा की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं। देश में एयरपोर्ट तो नये-नये बन रहे हैं नये-नये विमान एयरलाइन कंपनियां ला रही हैं और अगर रिकॉर्ड देखा जाए तो हवाई यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा कदम-कदम पर खतरे में है। इसी का जवाब आज समय मांग रहा है। अभी पिछले हफ्ते ही आसमान में उड़ रहा एक विमान…



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