पूरे देश में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। देश की आजादी का दिन और गुजरता एक और साल। आज का दिन 80 साल की यात्रा के दौरान हमने अब तक क्या उपलब्धियां हासिल की और हमारा लक्ष्य क्या है और हमने क्या-क्या खोया इसकी समीक्षा का भी दिन है। आज का दिन असंख्य कुर्बानियों को याद करने का भी दिन है जिनकी बदौलत आज हम स्वतंत्र हैं। हम उन बलिदानों और जज्बों की निष्कर्ष पीढ़ियां हैं। लिहाजा बड़ी जिम्मेदारियां हम पर भी हैं। आज दुनियाभर की नजरें भारत पर हैं जो लोग आंकलन करते रहे कि आजादी के बाद भारत बिखर कर रह जाएगा वे पूरी तरह से गलत साबित हुए।
भारत का हर नागरिक आज महसूस करता है कि भारत की तस्वीर अब पहले से काफी बदल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तिरंगा फहराकर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित कर युवाओं, महिलाओं, सप्तधारा, आत्मनिर्भर भारत, डिफैंस पावर समेत कई बड़े संदेश देश को दिए। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के अपने लक्ष्य को फिर से दोहराते हुए पूरा रोड मैप बताया।
77 मिनट के भाषण में उनके सम्बोधन में केन्द्र बिन्दु जेन-जी यानि युवा शक्ति ही रही। जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री ने युवाओं के आक्रोश और भावनाओं को गम्भीरता से लेते हुए कई बड़े ऐलान किए। इस बार स्वतंत्रता दिवस की थीम भारतीय युवाओं पर रखी गई थी। उन्होंने एक करोड़ युवाओं को एआई की ट्रेनिंग देने का ऐलान किया और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग की भी घोषणा की। जेन अल्फा के लिए प्रधानमंत्री ने 5 से 15 साल के बच्चों को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिभा खोज अभियान चलाने की भी घोषणा की। उन्होंने अपने शासनकाल की उपलब्धियों का ब्यौरा तो दिया ही लेकिन साथ ही आगे बढ़ने का मंत्र भी दिया। यह मंत्र है सप्तशक्ति मंत्र। उन्होंने आह्वान किया िक हमें सप्तशक्ति मंत्र के आधार पर भविष्य में सात लक्ष्य हासिल करने हैं। इन सात मंत्रों में मैन्युफैक्चरिंग सैक्टर को विकसित करना, खाद्य प्रसंस्करण के जरिए दुनिया तक पहुंचना, तकनीक और इनोवेशन और डिजिटल क्रांति में तेजी लाना, एक्सप्रेस वे, एयरपोर्ट और बंदरगाहों का विकास कर गति शक्ति को बढ़ाना, सॉफ्ट पावर को अपनी ताकत बनाना, ग्रीन और ब्लू इकोनामी में बड़े अवसर पैदा करना शामिल है। सप्तमंत्र का एक मंत्र रक्षा शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिफैंस में आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। दुनिया और भारत ने अनुभव कर लिया है कि इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। जब दुनिया में सब अपनी-अपनी सोच रहे हैं तो हम सिर्फ बाजार बनकर नहीं रह सकते। हमें ग्लोबल सप्लायर बनने की आेर बढ़ना होगा। साइबर सुरक्षा पर भी काम करना होगा। उन्होंने युद्धों के बदलते स्वरूप पर भी रोशनी डाली। इसमें कोई संदेह नहीं कि आज हर भारतीय भारत की रक्षा शक्ति पर गर्व करता है। रक्षा क्षेत्र में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। भारत न केवल परमाणु सम्पन्न मिसाइलों के िनर्माण में अव्वल है बल्कि विमान, पनडुब्बी और युद्धपोत बनाने में भी सक्षम हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को खत्म करने को अपने शासन की बड़ी उपलब्धि का उल्लेख करते हुए दिमागी नक्सली शब्द का इस्तेमाल करते हुए कुछ ताकतों पर करारी चोट की। उन्होंने कहा कि जंगली नक्सली तो खत्म हो चुके हैं लेकिन दिमागी नक्सली मौके की तलाश में हैं और वे हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। युवा पीढ़ी को गलत राह में धकेलने के लिए तरह-तरह के दांव-पेच चल रहे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र विरोधी तत्वों पर तो प्रहार किया ही लेिकन उनका इशारा कुछ और लोगों पर भी रहा। उन्होंने विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को देश को डराने में मजा आता है। कोरोना महामारी से लेकर युद्धों और ऊर्जा संकट के दौरान कुछ लोगों ने लगातार देश में भय और निराशा का माहौल बनाने की कोिशश की। कभी कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए तो कभी गैस, पेट्रोल, खाद की कमी की आशंकाएं व्यक्त की गईं। उन्होंने देशवासियों को ऐसी आशंकाओं से सतर्क रहने का संकेत देते हुए कहा कि भारत ने अपनी मजबूत नीतियों से हर चुनौती का डटकर सामना किया। हम अपनी ताकत के दम पर खड़े हैं और आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण देने के मामले में सभी राजनीतिक दलों से प्रार्थना की कि वे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के बिल को मंजूरी दिलाएं और महिलाओं के सामर्थ्य को नमन करें महिला आरक्षण विधेयक कई वर्षों से लम्बित है और प्रधानमंत्री की इस अपील को राजनीतिक दाव की बजाय महिलाओं के सम्मान की दृष्टि से देखा जाए तो बेहतर होगा।
प्रधानमंत्री ने कई विषयों को छुआ। उन्होंने रिफार्म यानि सुधारों के साथ आगे बढ़ने की बात की और िवकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए युवाओं से सहयोग मांगा। उन्होंने देश के युवाओं को विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी बताते हुए कहा कि हमें युवाओं के साथ प्राथमिकता से आगे बढ़ना है। आज पूरे देश में ढाई लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। एक लाख करोड़ रुपए का इनोवेशन फंड भारत सरकार ने बनाया है। इसलिए युवाओं को इसका भागीदार बनकर आगे बढ़ना चाहिए। कुल िमलाकर प्रधानमंत्री के संबोधन में जेन जी छाया रहा। आज के इस पवित्र दिवस पर प्रत्येक नागरिक को भी यह संकल्प धारण करना होगा िक वे विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री का लाल किले से संदेश
Summary :
पूरे देश में आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। देश की आजादी का दिन और गुजरता एक और साल। आज का दिन 80 साल की यात्रा के दौरान हमने अब तक क्या उपलब्धियां हासिल की और हमारा लक्ष्य क्या है और हमने क्या-क्या खोया इसकी समीक्षा का भी दिन है। आज का दिन असंख्य कुर्बानियों को याद करने का भी दिन है जिनकी बदौलत आज हम स्वतंत्र हैं। हम उन बलिदानों और जज्बों की निष्कर्ष पीढ़ियां हैं। लिहाजा बड़ी जिम्मेदारियां हम पर भी हैं। आज दुनियाभर की नजरें भारत पर हैं जो लोग आंकलन करते रहे कि आजादी के बाद भारत…



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