‘करें योग, रहें निरोग’

Summary :

‘फिट और हिट’ रहने का सबसे शानदार मंत्र अगर कोई है तो वह योग ही है। आज अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस है और अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के सच्चे सूत्रधार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। योग न केवल भारत तथा 177 से ज्यादा अन्य देशों में फिट रहने की एक शैली है, बल्कि मुस्लिम देश भी इसे स्वीकार कर योग क्रियाएं कर रहे हैं। सच यही है कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने की एक वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। आज के आधुनिक और तनावपूर्ण…

‘फिट और हिट’ रहने का सबसे शानदार मंत्र अगर कोई है तो वह योग ही है। आज अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस है और अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के सच्चे सूत्रधार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। योग न केवल भारत तथा 177 से ज्यादा अन्य देशों में फिट रहने की एक शैली है, बल्कि मुस्लिम देश भी इसे स्वीकार कर योग क्रियाएं कर रहे हैं। सच यही है कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने की एक वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। आज के आधुनिक और तनावपूर्ण जीवन में योग का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इसी महत्व को देखते हुए प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह दिन पूरे विश्व को स्वास्थ्य, शांति और सकारात्मक जीवन का संदेश देता है। हमारे अध्यात्म जगत में इसे एक विज्ञान के रूप में स्वीकार किया गया है।
योग शब्द संस्कृत की ‘युज’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है जोड़ना या एकता स्थापित करना। योग व्यक्ति को स्वयं से, समाज से और प्रकृति से जोड़ता है। यह मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का माध्यम है। नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ, मन शांत और विचार सकारात्मक रहते हैं। अनेक वैज्ञानिक शोधों ने भी सिद्ध किया है कि योग तनाव, चिंता, अवसाद, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा हृदय रोग जैसी अनेक समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायक है। अगर देखा जाए तो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत भारत के प्रयासों से हुई। वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को विश्व के 177 देशों का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हुआ और 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। इसके बाद 21 जून 2015 को पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में उत्साह के साथ मनाया गया। बड़ी बात यह है कि 21 जून को योग दिवस मनाने का विशेष महत्व है क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। भारतीय परंपरा में इस दिन का आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व भी माना जाता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थिति में होता है, जो ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
भारत योग की जन्मभूमि है और विश्व में योग के प्रचार-प्रसार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज दुनिया के लगभग सभी देशों में योग का अभ्यास किया जा रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस और अनेक अन्य देशों में योग केंद्र स्थापित हैं। लाखों लोग प्रतिदिन योग करके स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। भारत ने अपनी इस प्राचीन विद्या को पूरे विश्व तक पहुंचाकर मानवता के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में विशेष भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में भारत ने योग को एक जन-आंदोलन का रूप दिया है। प्रधानमंत्री स्वयं भी योग के महत्व पर बल देते हैं और प्रत्येक वर्ष योग दिवस के अवसर पर देशवासियों तथा विश्व समुदाय को योग अपनाने का संदेश देते हैं। उनके प्रयासों के कारण आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वैश्विक स्वास्थ्य अभियान बन चुका है। भारत ही आज योग गुरु है तथा योग हमें ‘फिट इंडिया’ अर्थात स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में भी प्रेरित करता है। स्वस्थ नागरिक ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। जब लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी वे देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।
योग शरीर को मजबूत बनाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है तथा व्यक्ति को अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इसलिए योग को ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। अगर हम अतीत में झांके तो पाते हैं कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी योग का महत्व स्पष्ट रूप से सामने आया। लोगों ने घरों में रहकर योग और प्राणायाम का अभ्यास किया जिससे मानसिक तनाव कम हुआ और स्वास्थ्य बेहतर बना रहा। योग ने यह सिद्ध कर दिया कि यह केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और सुरक्षित रखने का एक प्रभावी माध्यम है। आज हर तरफ विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। बच्चों और युवाओं को प्रारंभ से ही योग की शिक्षा दी जानी चाहिए ताकि वे स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का भी विकास करता है।
हकीकत यही है कि आज जब दुनिया जीवनशैली से जुड़ी अनेक बीमारियों और मानसिक तनाव से जूझ रही है, तब योग एक सरल, सस्ता और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। यह किसी धर्म, जाति या देश विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए लाभकारी है। योग का संदेश ‘स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुखी जीवन’ है। मेरा मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल एक दिवस नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का उत्सव है। भारत ने योग के माध्यम से विश्व को अमूल्य उपहार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है और ‘फिट इंडिया’ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमें भी योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। यही योग दिवस का वास्तविक संदेश है।

Kiran Chopra