आजादी का दिन और परिवार के साथ मस्ती… 15 अगस्त सिर्फ तिरंगा फहराने या देशभक्ति के गाने सुनने का दिन नहीं है, बल्कि यह अपने बच्चों को आज़ादी की इम्पोर्टेंस , एकता और साहस के बारे में बताने का सबसे सही मौका है। इस साल स्वतंत्रता दिवस पर अगर आप बच्चों को कुछ ऐसा दिखाना चाहते हैं जो उन्हें जिंदगी भर याद रहे, तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं ऐसी 12 फिल्मों की लिस्ट, जो उन्हें बोर नहीं होने देंगी और कुछ नया सिखाकर ही छोड़ेगीं।
छोटे बच्चों के लिए: खेल-खेल में सीख

अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं, तो उन्हें ऐसी फिल्में दिखाएं जो उन्हें बोर न करें। ‘चैन कुली की मेन कुली’ फिल्म बच्चों को शॉर्टकट के बजाय मेहनत पर भरोसा करना सिखाती है। वहीं ‘स्टैनली का डब्बा’ उन्हें मिल-बांटकर रहने की सीख देती है। अगर आप उन्हें टीम वर्क का महत्व समझाना चाहते हैं, तो ‘चिल्लर पार्टी’ बेस्ट है, जो बताती है कि अगर बच्चे ठान लें, तो बड़ी-बड़ी बाधाओं को पार कर सकते हैं। इसके अलावा ‘माई फ्रेंड गणेशा’ जैसी फिल्में भी बच्चों को मुश्किल समय में सकारात्मक सोचने का हौसला देती हैं।
9 से 13 साल के बच्चों के लिए: उड़ान और सपने

बड़े बच्चों को ऐसी कहानियाँ पसंद आती हैं जो उन्हें इंस्पायर करें। ‘तारे जमीन पर’ उन्हें यह विश्वास दिलाती है कि हर बच्चा खास होता है और अपनी गति से सीखता है। ‘आई एम कलाम’ शिक्षा की ताकत को बयां करती है, तो ‘चक दे! इंडिया’ (2007)- जिसमें एक निकाला गया हॉकी कोच अंडरडॉग महिला राष्ट्रीय टीम को वैश्विक जीत की ओर ले जाता है और जो टीमवर्क व एकता सिखाने के लिए बेहतरीन है (Amazon Prime Video / Apple TV पर अवेलेबल – देश के लिए मर-मिटने और टीम के साथ मिलकर लक्ष्य हासिल करने का जुनून पैदा करती है।
वहीं, ‘हवा हवाई’ फिल्म सिखाती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, सपने देखना और मेहनत करना कभी बंद नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, इस लिस्ट में ‘लगान’ (2001) भी शामिल है- जो एक बड़ी और शानदार कहानी है, जिसमें अंग्रेजों के जमाने के गाँव वाले भारी टैक्स से बचने के लिए क्रिकेट सीखते हैं और इसका सॉन्ग भी बहुत प्यारा है (Netflix पर देख सकते हैं)। साथ ही, ‘गोल्ड’ (2018) फिल्म भी है- जिसमें अक्षय कुमार आज़ाद भारत को पहला ओलंपिक हॉकी गोल्ड मेडल दिलाने की पूरी कहानी दिखाते हैं, और यह बच्चों के लिए बहुत इंस्पायर करने वाली है।
टीनएज बच्चों के लिए: देश और जिम्मेदारी का अहसास

14 साल से बड़े बच्चों के लिए आप ऐसी फिल्में चुन सकते हैं जो उनके सोचने का नजरिया बदल दें। ‘रंग दे बसंती’ युवाओं को समाज की भलाई और हकीकत से रूबरू कराती है। ‘भाग मिल्खा भाग’ उन्हें डिसिप्लिन और फेलियर से डरने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना सिखाती है। अगर उन्हें ऐतिहासिक फिल्में पसंद हैं, तो ‘लगान’ और ‘द बॉय हू हार्नेस्ड द विंड’ (The Boy Who Harnessed the Wind) बेस्ट हैं। ये फिल्में बताती हैं कि कम सामान और सुविधाओं में भी बड़ी सफलता कैसे पाई जा सकती है।
आप बच्चों से पूछ सकते हैं कि उन्हें पूरी कहानी में सबसे अच्छा किरदार कौन-सा लगा और क्यों, जिससे उनके दिलो-दिमाग पर पड़ी छाप का अंदाजा लग सके। इसके अलावा, बच्चों से यह भी चर्चा करें कि अगर वो उस हीरो या किरदार की जगह होते, तो मुश्किल वक्त में क्या फैसला लेते, जिससे उनकी सोचने और समझने की ताकत बढ़ती है। साथ ही, बच्चों से बात करें कि उन्होंने फिल्म से कौन सी अच्छी बात सीखी है जिसे वे अपनी रोज़ की ज़िंदगी में अपनाना चाहेंगे।
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