टीवी के सबसे फेमस शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में इन दिनों ऐसा ड्रामा चल रहा है जिसने दर्शकों को टीवी स्क्रीन से चिपका कर रख दिया है। शांतिनिकेतन में रोज नए-नए तूफान उठ रहे हैं, लेकिन इस बार जो हुआ है उसकी उम्मीद शायद घर के किसी सदस्य को नहीं थी। तुलसी ने एक ऐसा फैसला ले लिया है जिसने पूरे वीरानी परिवार को हिलाकर रख दिया है। घर की बड़ी बहुओं को नजरअंदाज करके तुलसी ने घर की तिजोरी और जिम्मेदारी की चाबियां सबसे छोटी बहू वैष्णवी के हाथ में थमा दी हैं।
तुलसी के इस एक फैसले ने परिवार के झगड़े को और भड़का दिया है। चलिए जानते हैं कि वीरानी परिवार के अंदर आखिर क्या-क्या हंगामा हुआ है।
छोटी बहू वैष्णवी बनी घर की नई मुखिया, फैसले से उड़ गए सबके होश

शो में उस वक्त माहौल बेहद स्ट्रेस्फुल्ल हो गया जब तुलसी ने ऐलान किया कि अब से शांतिनिकेतन की देखरेख वैष्णवी करेगी। नियति और दामिनी जो खुद को इस जिम्मेदारी का हकदार मान रही थीं, उन्हें तुलसी का यह रुख बिल्कुल रास नहीं आया। तुलसी ने साफ कह दिया कि उन्होंने यह फैसला उम्र देखकर नहीं, बल्कि काबिलियत और घर संभालने की समझ देखकर लिया है। उनका मानना है कि वैष्णवी में वो हुनर है जो टूटते हुए परिवार को एक धागे में पिरोकर रख सकता है।
दूसरी तरफ, अचानक मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी से खुद वैष्णवी भी घबरा गई। उसने तुलसी से चाबियां वापस लेने की गुजारिश की, लेकिन तुलसी ने उसे समझाया कि बड़ी जिम्मेदारियां छोटे-छोटे कदमों से ही संभाली जाती हैं।
तुलसी पर भड़का करण, बदला लेने और अपमान करने का लगाया आरोप

तुलसी के इस फैसले को सुनते ही करण का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने सबके सामने तुलसी पर आरोप लगाया कि वो अपने ही बेटे से बदला ले रही है। करण ने कहा कि तुलसी ने नंदिनी को वैष्णवी के इशारों पर चलने के लिए मजबूर करके उसका अपमान किया है।
तुलसी ने भी करारा जवाब देते हुए कहा कि करण भले ही उनका बेटा हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नंदिनी अपने आप ही घर की मुखिया बनने के लायक हो गई। माहौल इतना बिगड़ गया कि करण ने साफ-साफ कह दिया कि वो इस फैसले को कभी एक्सेप्ट नहीं करेगा, चाहे इसके लिए उसे कुछ भी करना पड़े।
मिहिर की चिट्ठियों का खौफनाक सच आया सामने, रो पड़ीं तुलसी

घर के इस कलेश के बीच एक ऐसा राज खुला जिसने तुलसी के पैरों तले जमीन खिसका दी। बहस के दौरान गुस्से में आकर करण ने एक चौंकाने वाला कुबूलनामा कर दिया। करण ने तुलसी के मुंह पर कह दिया कि मिहिर के नाम से जो चिट्ठियां आती थीं, वो किसी और ने नहीं बल्कि खुद उसने लिखी थीं।
करण ने चिल्लाते हुए कहा कि मिहिर तुलसी से नफरत करता है और यह सच्चाई तुलसी को एक्सेप्ट कर लेनी चाहिए। अपने ही बेटे के मुंह से ऐसा कड़वा सच सुनकर तुलसी पूरी तरह टूट गईं और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। इस पूरे ड्रामे को साहिल ने भी सुन लिया, जिसके बाद उसने करण और गौतम से अकेले में सवाल पूछे और परिवार के इस बिखराव पर अपना दुख जताया।
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