ये फितूर तेरा में सौम्या का सफर अब एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच रहा है, जहां उसके लिए आगे बढ़ना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल और भावुक होने वाला है। जीत के साथ उसका रिश्ता जहां दर्शकों का दिल जीत रहा है, वहीं हाल के ट्रैक में सौम्या के डर के पीछे छिपी दर्दनाक सच्चाई भी सामने आ रही है। सालों से खुद को पीछे रखने और चुप रहने वाली सौम्या अब उन यादों का सामना करने की ओर बढ़ रही है, जिन्होंने उसकी पूरी जिंदगी को प्रभावित किया है।
जैसे-जैसे वह अपने अतीत के करीब पहुंच रही है, उसकी कहानी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां वह अपनी आवाज़ उठाना, अपने लिए खड़ा होना और अपने दर्द के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का सामना करना सीखेगी। आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सौम्या आखिरकार उस डर से बाहर निकल पाएगी, जिसने उसे इतने सालों से रोक रखा है।
सौम्या उन महिलाओं की आवाज़ बन रही है, जो कभी अपनी बात नहीं कह पाईं

शो के इस बड़े बदलाव के बारे में बात करते हुए, सौम्या का किरदार निभा रहीं देबचंद्रिमा ने कहा, “सौम्या के किरदार की एक बात मुझे बहुत पसंद है कि वह आज उन महिलाओं के लिए आवाज़ उठा रही है, जो कभी चुप रहीं या अपनी बात कहने से डरती थीं। कहीं न कहीं, वह उन महिलाओं की आवाज़ बन रही है, जिन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं मिल पाया।
सौम्या इस समय अपनी जिंदगी के एक बहुत मुश्किल दौर से गुजर रही है और मुझे लगता है कि यह उसकी कहानी का सबसे बड़ा बदलाव है। उसने सालों तक अपने अतीत का बोझ अपने साथ रखा और अपनी भावनाओं को खुद तक सीमित रखा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने उस दर्दनाक अतीत का सामना कैसे करती है और क्या आखिरकार अपने लिए खड़े होने का फैसला करती है।
कमजोरी और उसका दर्द बहुत सच्चा….

इस ट्रैक को निभाना मेरे लिए भी काफी भावुक रहा है, क्योंकि सौम्या की कमजोरी और उसका दर्द बहुत सच्चा लगता है। मैं चाहती हूं कि दर्शक देखें कि क्या वह आखिरकार उस इंसान का सामना करने की हिम्मत जुटा पाती है जिसने उसे चोट पहुंचाई और उसे करारा जवाब देती है। मुझे उम्मीद है कि सौम्या का यह सफर उन सभी लोगों से जुड़ेगा, जिन्होंने कभी अपनी आवाज़ उठाने के लिए संघर्ष किया है।” देखिए ये फितूर तेरा, रात 8:30 बजे सिर्फ स्टार प्लस पर और कभी भी जियोहॉटस्टार पर।


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