मंदिर की पुरानी मान्यताएं

7 Secrets of Puri Jagannath Temple: पांडवों और सप्त ऋषियों की कहानी
एक और कहानी है कि जब पांडव अपनी अंतिम यात्रा पर थे, तब ऋषियों ने उन्हें मोक्ष पाने के लिए ‘चार धाम’ की यात्रा करने को कहा था। जगन्नाथ मंदिर भी उन्हीं पवित्र जगहों में से एक है। तब से लेकर आज तक यहां की परंपराएं वैसी ही चली आ रही हैं। यहां कई ऐसी बातें भी हैं जो विज्ञान की समझ से बाहर हैं।
उल्टे दिशा मे लहराता झंडा

मंदिर के सबसे ऊपर एक लाल झंडा लगा है, जो हमेशा हवा की उल्टी दिशा में लहराता है। यह दृश्य हैरान करने वाला है। एक और खास बात यह है कि हर रोज एक पुजारी बिना किसी सुरक्षा के 200 फीट ऊंचे मंदिर पर चढ़कर इस झंडे को बदलता है। कहते हैं कि अगर एक दिन भी झंडा नहीं बदला गया, तो मंदिर कई सालों के लिए बंद हो सकता है।
Odisha Jagannath Temple Mystery: समुद्र का शोर गायब होना
मंदिर समुद्र के काफी करीब है, लेकिन जैसे ही आप मंदिर के मुख्य दरवाजे के अंदर कदम रखते हैं, आपको बाहर की लहरों का शोर सुनाई देना बंद हो जाता है। बाहर आते ही शोर फिर से सुनाई देने लगता है। कहा जाता है कि हनुमान जी मंदिर की रक्षा करते हैं और उन्होंने ही समुद्र की आवाज को रोक रखा है ताकि भगवान आराम से सो सकें।
मंदिर की कोई परछाई नहीं बनती

इस मंदिर की बनावट इतनी अद्भुत है कि दिन के किसी भी समय इसकी परछाई जमीन पर नहीं गिरती। वैज्ञानिक और वास्तुकार आज भी इस बात को लेकर हैरान रहते हैं।
प्रसाद बनाने का अनोखा तरीका
यहां भगवान का प्रसाद मिट्टी के सात बर्तनों में पकाया जाता है। इन बर्तनों को एक के ऊपर एक रखा जाता है। हैरानी की बात यह है कि सबसे ऊपर वाले बर्तन का खाना सबसे पहले पकता है। इसके अलावा, यहां आने वाले भक्तों के लिए प्रसाद कभी कम नहीं पड़ता और न ही कभी बर्बाद होता है।
लकड़ी की मूर्तियां और ‘ब्रह्म पदार्थ’



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