Explainer: साल 1970 को क्यों याद कर रहे Singapore के प्रधानमंत्री, क्या दुनिया में आने वाली है खाने-पीने की भारी किल्लत! वो दौर, जिसे याद करने के बाद कांप उठती है रूह?

Summary :

Singapore PM Stagflation Warning: ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध को लेकर दुनिया भर में हाहकार मचा हुआ है। कच्चा तेल से लेकर खाने-पीने की चीजें काफी महंगी होती जा रही है। महंगाई के कारण आमलोग से लेकर व्यापारी तक सभी काफी परेशान हैं। ऐसे में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने एक बड़े खतरे की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि स्ट्र्रेट ऑफ होर्मुज के लंबे समय तक बंद रहने से दुनिया भर में ईंधन की कमी, बढ़ती महंगाई और यहां तक कि साल 1970 के समय में तेल की किल्लत और महंगाई जैसी संकट आने वाले समय में ला…

Singapore PM Stagflation Warning: ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध को लेकर दुनिया भर में हाहकार मचा हुआ है। कच्चा तेल से लेकर खाने-पीने की चीजें काफी महंगी होती जा रही है। महंगाई के कारण आमलोग से लेकर व्यापारी तक सभी काफी परेशान हैं। ऐसे में सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने एक बड़े खतरे की चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा है कि स्ट्र्रेट ऑफ होर्मुज के लंबे समय तक बंद रहने से दुनिया भर में ईंधन की कमी, बढ़ती महंगाई और यहां तक कि साल 1970 के समय में तेल की किल्लत और महंगाई जैसी संकट आने वाले समय में ला सकती है। उनका यह बयान दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।

Strait of Hormuz closure: मिडिल ईस्ट जंग का असर

होर्मुज स्ट्रेट पिछले 60 दिनों से बंद है। यह वह रास्ता है जहां से अन्य देशों में तेल व्यापार का लगभग 20% से 25% होता है। (होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, जिससे प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल से अधिक (20-21 मिलियन b/d) कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं। यह वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% से 25% हिस्सा है). ऐसे में इस रास्ते के बंद होने से हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच सिंगापुर के पीएम का बड़ा बयान एक बार फिर सबको डरा दिया है।

Global fuel shortages: दुनिया को ‘स्टैगफ्लेशन’ शब्द से डराया

पीएम लॉरेंस वोंग ने अपने भाषण में साल 1970 को याद करते हुए एक बार फिर लोगों को चेताया हैं। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान-इजरायल युद्ध के कारण लम्बे समय तक स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज बंद रहता है तो ऊर्जा संकट और गहराएगा। इससे एशियाई देशों के सामने सबसे बड़ा खतरा खड़ा होते दिखेगा। इतना ही नहीं उन्होंने अपने भाषण में स्टैगफ्लेशन एक शब्द का उच्चारण किया। यह अर्थशास्त्र का ऐसा शब्द है जिसे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे घातक माना जाता है.

Iran war oil prices: क्यों किया 1970 का जिक्र?

पीएम वोंग ने साल 1970 का जिक्र किया, तो चलिए जानते हैं उन्होंने इसका जिक्र क्यों किया? 1970 के दशक में दुनिया ने पहली बार इतनी बड़ी मंदी का जिक्र किया, जिसे सुनने के बाद दुनिया भर में हड़कंप मचा हुआ है। साल 1973 के अरब इजरायल युद्ध के बाद दुनिया भर में मंडी आई।

उस समय तेल उत्पादक अरब देशों के संगठन ओपेक (OPEC) ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को तेल सप्लाई रोक दी थी क्योंकि वे इजरायल के साथ दोस्ती कर ली थी. उस दौर में कच्चे तेल की कीमतें 300 फीसदी से अधिक बढ़ गईं. उस दौरान दुनिया की लगभग हर फैक्ट्री, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और इंडस्ट्री तेल पर आश्रित थी. जैसे ही तेल महंगा हुआ, हर चीज महंगे होने लगे हैं. कंपनियों का प्रोडक्शन धीमा पड़ गया, रोजगार खत्म होने लगे और महंगाई सातवें आसमान पर पहुंच गई थी।

Asia Energy Crisis: 1971 में Richard Nixon ने डॉलर को गोल्ड से हटा दिया था

उस दौरान सिर्फ तेल संकट ही आर्थिक तबाही का कारण नहीं था। 1971 में Richard Nixon ने डॉलर को गोल्ड से अलग कर दिया, जिससे दुनियाभर की करेंसी का भाव ठप हो गया। डॉलर कमजोर होते ही, आयात महंगा हो गया और ऐसे में कई देशों ने बेरोजगारी कम करने के लिए अधिक पैसा छापा, जिससे महंगाई अधिक बढ़ गई। इसी दौरान खेती और सप्लाई चेन संकट को और भारी नुकसान हुआ।

 

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।