Baglamukhi Jayanti 2026 Date: हिंदू धर्म में दस महाविद्या की अराधना की जाती है, जिनमें मां बगलामुखी आठवीं देवी हैं। इन्हें पीताम्बरा भी कहते हैं क्योंकि इन्हें पीला रंग बहुत पसंद है। माना जाता है कि इनकी पूजा करने से विरोधियों को पराजित करने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मां बगलामुखी की जयंती मनाई जाती है। आइए जानें, इस वर्ण ये खास पर्व कब है।
Baglamukhi Jayanti 2026 Date: कब है बगलामुखी जयंती?

इस साल वैशाख शुक्ल अष्टमी 23 अप्रैल की रात 8:50 बजे शुरू होगी और अगले दिन यानी 24 अप्रैल को शाम 7:22 बजे खत्म होगी। क्योंकि हिंदू धर्म में त्योहार सूर्योदय की तिथि से मनाया जाता है, इसलिए बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
Baglamukhi Puja Vidhi: मां बगलामुखी पूजन विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले कपड़े पहनें।
- साफ मन से व्रत का संकल्प लें।
- एक लकड़ी की चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं और उसपर माता रानी की मूर्ति या फोटो स्थापित करें।
- माता की मूर्ति को गंगाजल से साफ करें और उन्हें पीले फूल, फल, चंदन और बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
- माता रानी के सामने घी का दीपक जलाएं।
- मां बगलामुखी आरती पढ़ें और मंत्रों का जाप करें।
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Baglamukhi Jayanti Mahatav: बगलामुखी जयंती का महत्व

मां बगलामुखी की अराधना से शत्रु पराजित होते हैं। कहते हैं कि उनकी कृपा से मनुष्य की बुद्धि भी शांत रहती है। अगर कोई कोर्ट केस या कानूनी विवाद चल रहा हो, तो मां की पूजा बहुत असरदार होती है। इसके अलावा माता की पूजन से बीमारियां दूर होती हैं, घर की नेगेटिविटी खत्म होती है और नजर दोष से भी बचाव होता है।
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Shatru Nash Upay: सफलता के लिए उपाय और मंत्र
दुश्मनों पर जीत पाने और कोर्ट केस जीतने के लिए बगलामुखी जयंती पर विशेष पूजा की जाती है। सबसे अच्छा तरीका है कि पीले कपड़े पहनकर, हल्दी की गांठें चढ़ाएं और हल्दी की माला से इस मंत्र का 108 बार जाप करें-
Baglamukhi Mantra: “ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिहवां कीलय, बुद्धिं विनाशय, ह्लीं ॐ स्वाहा”


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