आज धनतेरस का पर्व है। इसे धनत्रयोदशी भी कहते हैं। आज से ही दिवाली के 5 दिनों के पर्व का आगाज भी हो गया है। धनतेरस पर लक्ष्मी जी, कुबेर जी और भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। शाम को घर के मुख्य दरवाजे पर यमराज के नाम का दीपक जलाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन लोग सोना, चांदी और बर्तन की खरीदारी बहुत शुभ मानी जाती है। अगर आप भी आज धनतेरस के शुभ अवसर पर सोना-चांदी की खरीदारी करने वाले हैं, तो आज का शुभ मुहूर्त जरूर नोट कर लें।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ समय

धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजों से घर में खुशहाली और बरकत आती है। लोग इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, गहने, बर्तन और लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियां खरीदते हैं।खरीदारी के लिए सुबह 11:48 से दोपहर 12:56 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। दोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक शुभ चौघड़िया का समय भी खरीदारी के लिए अच्छा है। जो लोग शाम को खरीदारी करना चाहते हैं, वे अपने शहर के पंचांग के हिसाब से सही समय देख सकते हैं।
धनतेरस पूजा विधि

- धनतेरस के दिन घर की अच्छे से सफाई करें। मेन गेट पर रंगोली बनाएं और दीए जलाएं।
- पूजा की जगह पर एक छोटी चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
- चौकी पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और गणेश जी की मूर्ति या फोटो रखें।
- हाथ में थोड़ा जल और फूल लेकर मन में पूजा का संकल्प लें।
- सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें और उनकी पूजा करें।
- माता लक्ष्मी, कुबेर जी और भगवान धन्वंतरि पर थोड़ा जल छिड़ककर उन्हें स्नान कराएं।
- उन्हें रोली, हल्दी, कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं।
- इसके बाद उन्हें फूल, माला और मौली चढ़ाएं।
- अगर आप धनतेरस पर कोई नई चीज, बर्तन या सोने-चांदी के सिक्के या जेवर खरीदकर लाए हैं, तो उन्हें भी चौकी पर रखकर उनकी पूजा करें।
- भगवान के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएं।
- पूजा करते समय माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और भगवान कुबेर के मंत्रों का जाप करें।
- अंत में मिठाई, फल और धनिया-गुड़ का भोग लगाएं और आरती करें।
- धनतेरस की शाम को सूरज ढलने के बाद, घर के मुख्य गेट पर दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके चौमुखी दीया जलाएं।
धनतेरस 2026 में यम दीपदान का शुभ मुहूर्त
धनतेरस 2026 पर यमराज के नाम दीपक जलाने के लिए शाम का समय सही रहेगा। यम दीपदान का शुभ समय शाम 5:33 से 6:51 बजे तक है। इस समय घर के मुख्य दरवाजे पर या दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का मिट्टी का दीपक जलाएं।
धनतेरस के दिन दीपक जलाने की यह परंपरा बहुत पुरानी है। इसे यम दीपदान कहते हैं। माना जाता है कि इस दिन यमराज के लिए दीपक जलाने से घर के लोगों को अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता और घर में सुख-शांति रहती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।


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