Holika Dahan Kab Hai: हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को होली का त्योहार मनाया जाता है। यह भारत का सबसे रंगीन और उमंग भरा त्योहार है। होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और मेलजोल बढ़ाने का पर्व है। इस दिन लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हैं और खुशियां बांटते हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे फगुआ, धुलेंडी और रंगवाली होली जैसे नामों से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि को होलिका दहन की परंपरा है, जो अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देती है। माना जाता है कि इसकी पवित्र अग्नि में जीवन के स भी कष्ट और नकारात्मकता भस्म हो जाती है। हर बार की तरह इस बार भी लोगों के मन में होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस है। ऐसे में आपके लिए इस लेख में Holika Dahan Kab Hai, Holika Dahan Shubh Muhurat क्या है और Holika Dahan Puja Vidhi की पूरी जानकारी दी गई है।
Holika Dahan Kab Hai: होलिका दहन तिथि

Holika Dahan Shubh Muhurat: होलिका दहन 2026 शुभ मुहूर्त
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार होलिका पूजन सूर्यास्त के पश्चात करना फलदायी होता है। 3 मार्च को पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06:22 से रात 08:50 तक रहेगा।
Holika Dahan Puja Vidhi: होलिका दहन पूजन सामग्री और विधि

- होलिका के चारों ओर कच्चे सूत को तीन या सात बार लपेटते हुए परिक्रमा करें।
- रोली और अक्षत से तिलक करें। घर की बनी मिठाई और घी की अठावरी का भोग लगाकर जल अर्पित करें।
- पूजन के समय भक्त प्रह्लाद और होलिका के जयकारे लगाएं।
- हाथ में जल का लोटा लेकर पुनः परिक्रमा करें और अर्घ्य दें।
- अंत में होलिका की अग्नि में कच्चे आम, नारियल, भुट्टे या नई फसल का कुछ अंश समर्पित करें
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