2 या 3 मार्च, कब मनेगा होलिका दहन? दूर करें तिथि का कन्फ्यूजन और यहां देखें शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि

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Holika Dahan Kab Hai: हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को होली का त्योहार मनाया जाता है। यह भारत का सबसे रंगीन और उमंग भरा त्योहार है। होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और मेलजोल बढ़ाने का पर्व है। इस दिन लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हैं और खुशियां बांटते हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे फगुआ, धुलेंडी और रंगवाली होली जैसे नामों से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि को होलिका दहन की परंपरा है, जो अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देती है। माना…

Holika Dahan Kab Hai: हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को होली का त्योहार मनाया जाता है। यह भारत का सबसे रंगीन और उमंग भरा त्योहार है। होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और मेलजोल बढ़ाने का पर्व है। इस दिन लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हैं और खुशियां बांटते हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में इसे फगुआ, धुलेंडी और रंगवाली होली जैसे नामों से भी जाना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि को होलिका दहन की परंपरा है, जो अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देती है। माना जाता है कि इसकी पवित्र अग्नि में जीवन के स भी कष्ट और नकारात्मकता भस्म हो जाती है। हर बार की तरह इस बार भी लोगों के मन में होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस है। ऐसे में आपके लिए इस लेख में Holika Dahan Kab Hai, Holika Dahan Shubh Muhurat क्या है और Holika Dahan Puja Vidhi की पूरी जानकारी दी गई है।

Holika Dahan Kab Hai: होलिका दहन तिथि

Holika Dahan Kab Hai
Holika Dahan Kab Hai (Image: AI Generated)
वैदिक पंचांग के विश्लेषण के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का आरंभ 2 मार्च को प्रातः 5:55 बजे होगा और इसका समापन 3 मार्च को सायंकाल 5:07 बजे होगा। उदयातिथि की गणना के आधार पर, इस वर्ष होलिका दहन का पर्व 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।

Holika Dahan Shubh Muhurat: होलिका दहन 2026 शुभ मुहूर्त

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार होलिका पूजन सूर्यास्त के पश्चात करना फलदायी होता है। 3 मार्च को पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06:22 से रात 08:50 तक रहेगा।

Holika Dahan Puja Vidhi: होलिका दहन पूजन सामग्री और विधि

Holika Dahan Kab Hai
Holika Dahan Kab Hai (Image: Social Media)
पूजा के लिए अक्षत (चावल), गंध, गुड़, ताजे फूल, माला, रोली, गुलाल, कच्चा सूत, हल्दी, जल से भरा लोटा, नारियल, बताशे, गेहूं की बालियां और मूंग आदि चाहिए।
पूजन की विधि:
  • होलिका के चारों ओर कच्चे सूत को तीन या सात बार लपेटते हुए परिक्रमा करें।
  • रोली और अक्षत से तिलक करें। घर की बनी मिठाई और घी की अठावरी का भोग लगाकर जल अर्पित करें।
  • पूजन के समय भक्त प्रह्लाद और होलिका के जयकारे लगाएं।
  • हाथ में जल का लोटा लेकर पुनः परिक्रमा करें और अर्घ्य दें।
  • अंत में होलिका की अग्नि में कच्चे आम, नारियल, भुट्टे या नई फसल का कुछ अंश समर्पित करें

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Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।