Magh Purnima Date and Time: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा कर्क राशि में और सूर्य मकर राशि में विराजमान होते हैं, तब माघी पूर्णिमा का शुभ संयोग बनता है। माघ नक्षत्र के कारण ही इसका नाम ‘माघी पूर्णिमा‘ पड़ा है। यह भी एक तरह का Full Moon Hindu Festival है।
इसे ‘बत्तीसी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है क्योंकि पौराणिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य का फल सामान्य से 32 गुना अधिक मिलता है। यह व्रत न केवल सुख-सौभाग्य और संतान सुख प्रदान करता है, बल्कि मनुष्य को कष्टों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष की राह पर ले जाता है। आइए जानें की 2026 में Purnima Kab Hai और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या है।
Magh Purnima Date and Time: माघ पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

साल 2026 में माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और 2 फरवरी की सुबह 03 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के सिद्धांत के अनुसार, व्रत और मुख्य पूजा 1 फरवरी को ही संपन्न की जाएगी। इस दिन शाम को 05 बजकर 26 मिनट पर चंद्रोदय होगा, जो पूजा के लिए विशेष फलदायी है।
Magh Purnima Snan Daan Muhurat: स्नान-दान का उत्तम समय

माघ पूर्णिमा के पूरे दिन ही दान और स्नान करना शुभ होता है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे उत्तम माना गया है। 1 फरवरी 2026 को सुबह 05:24 से 06:17 के बीच का समय स्नान-ध्यान के लिए सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त है।
February Purnima 2026: इस दिन क्या दान करना चाहिए?

हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा पर दान का अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से तिल का दान करना अनिवार्य माना गया है। इसके साथ ही सामर्थ्य अनुसार अन्न, गुड़, घी, वस्त्र, फल और कपास का दान भी अत्यंत फलदायी होता है। ‘मत्स्य पुराण’ के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक दान देता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।


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