Makar Sankranti 2026 ke Niyam: इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति का पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में स्नान-दान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और धन-धान्य में भी वृद्धि होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति वह समय है जब सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिसे सभी शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व पर विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए कुछ परंपराएं और नियम निर्धारित किए गए हैं। माना जाता है कि Makar Sankranti Rituals for Women का पालन करने से वैवाहिक संबंधों में मधुरता आती है और पूरे परिवार के स्वास्थ्य व समृद्धि पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।

विवाहित स्त्रियों के लिए मकर संक्रांति का दिन विशेष फलदायी होता है। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन महिलाओं द्वारा की गई पूजा, दान और संयमित जीवन शैली का सीधा संबंध घर की सुख-शांति से है। ऐसा माना जाता है कि यदि स्त्रियां इस दिन शांत और सात्विक स्वभाव अपनाती हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। सूर्य देव की उपासना के माध्यम से वे परिवार की उन्नति और अच्छी सेहत की प्रार्थना करती हैं, जिससे पारिवारिक संबंधों में संतुलन और मजबूती आती है। मान्यता यह भी है कि, इस दिन तिल-गुड़ के पकवान बनाकर दान करने से वैवाहिक जीवन में मिठास और स्थिरता आती है।
Makar Sankranti 2026 ke Niyam: सुहागिन महिलाओं के लिए खास नियम

- मकर संक्रांति के दिन मानसिक और शारीरिक शुद्धता के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- घर के मंदिर और रसोई घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
- पूजा के दौरान शुभ रंगों जैसे पीला या लाल रंग के कपड़े पहनना चाहिए।
- तांबे के लोटे में जल, कुमकुम, अक्षत और गुड़ मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- पति की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से सूर्य देव की उपासना करें। ‘सूर्य चालीसा’ और ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करें।
- तिल और गुड़ से बनी वस्तुओं का दान करना पुण्य का काम माना जाता है।
- घर के बड़ों का आशीर्वाद लें और परिवार में प्रेम का वातावरण बनाए रखें।
- इस दिन गाय को गुड़-तिल और चारा खिलाना सौभाग्य और समृद्धि लाता है।
- क्रोध, कड़वाहट और नकारात्मकता से दूर रहकर मन को शांत रखें।
- इस दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन आदि), आलस्य और झगड़ों से बचना चाहिए ताकि सकारात्मकता बनी रहे।
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