Meen Sankranti 2026: हिंदू धर्म में संक्रांति का बहुत महत्व है। जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। आज मीन संक्रांति है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन आध्यात्मिक शांति, दान-पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए बहुत शुभ होता है। इस दिन भक्ति भाव से की गई पूजा-पाठ का फल कई गुना बढ़ जाता है।
Meen Sankranti 2026 Date: मीन संक्रांति 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, इस साल 15 मार्च की सुबह 01:08 बजे सूर्य ने मीन राशि में प्रवेश किया है। मीन राशि के स्वामी बृहस्पति देव हैं। सूर्य के मीन राशि में आने के साथ ही खरमास की शुरुआत हो गई है, जो पूरे एक महीने तक रहेगा।
Kharmas 2026 Start Date: खरमास की शुरुआत

मीन संक्रांति से खरमास शुरू हो जाता है। इस एक महीने तक शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को करने से मना किया जाता है। हालांकि, यह समय ईश्वर की आराधना, मंत्र जाप, दान और धार्मिक कार्यों के लिए बहुत उत्तम माना गया है।
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Meen Sankranti 2026: इस दिन क्या करना होगा शुभ?
- मीन संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें।
- अपनी सामर्थ्य के अनुसार तिल, गुड़, अनाज या कपड़ों का दान करें।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
- भगवान विष्णु और सूर्य देव की विशेष पूजा करें।
Meen Sankranti 2026 Daan: मीन संक्रांति पर स्नान और दान

ज्योतिष के अनुसार, संक्रांति के समय सूर्य का प्रभाव बहुत शक्तिशाली होता है। इसलिए इस दिन पवित्र नदी या घर पर स्नान करने, सूर्य देव को जल (अर्घ्य) चढ़ाने और दान करने से पुण्य मिलता है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
Meen Sankranti Mahatva: मीन संक्रांति का धार्मिक महत्व
धार्मिक दृष्टिकोण से मीन संक्रांति बहुत पुण्यदायी है। मान्यता है कि आज के दिन पवित्र नदियों में नहाने से पापों का नाश होता है और आत्मा शुद्ध होती है। इस दिन बहुत से लोग पवित्र तीर्थस्थलों पर जाकर पूजा-पाठ और दान करते हैं। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य चीजों का दान करने से घर में खुशहाली आती है और देवी-देवताओं का आशीर्वाद आप पर बना रहता है।
Disclaimer: यहां बताई गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी पुष्टि नहीं करता है।






















