Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare: क्या कुल्ला करने से टूट जाता है निर्जला व्रत? जानें साल की सबसे बड़ी एकादशी व्रत के कड़े नियम

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Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और पुण्यकारी एकादशी माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। यह व्रत पूरी तरह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन लोग भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। बिना पानी पीए रहने के कारण ही इसे ‘निर्जला’ एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि अगर आप साल भर की सभी 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते हैं, तो सिर्फ एक निर्जला एकादशी का उपवास ही काफी है। माना जाता है कि इस अकेले व्रत से…

Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और पुण्यकारी एकादशी माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। यह व्रत पूरी तरह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन लोग भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं।

बिना पानी पीए रहने के कारण ही इसे ‘निर्जला’ एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि अगर आप साल भर की सभी 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते हैं, तो सिर्फ एक निर्जला एकादशी का उपवास ही काफी है। माना जाता है कि इस अकेले व्रत से आपको साल की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल मिल जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत बेहद पवित्र और कड़े नियमों वाला होता है। चूंकि इस दिन अन्न और जल दोनों का त्याग करना होता है, इसलिए इसमें की गई एक छोटी सी लापरवाही भी आपके पुण्य को कम कर सकती है और आपको दोष का भागी बना सकती है। व्रत का पूरा लाभ उठाने के लिए, Nirjala Ekadashi Do’s and Don’ts जानना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में जिन्हें इस दिन करने से बचना चाहिए।

Nirjala Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत?

Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare
Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare (AI Generated)
इस साल निर्जला एकादशी तिथि 24 जून 2026 की शाम 6:12 बजे शुरू हो जाएगी और 25 जून 2026 की रात 8:09 बजे तक रहेगी। हिंदू नियमों के अनुसार, क्योंकि 25 जून को सूर्योदय के समय यह तिथि होगी, इसलिए व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।

Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare: निर्जला एकादशी पर भूलकर न करें ये 5 काम

Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare
Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare (AI Generated)

1. गलती से भी पानी न पिएं

निर्जला एकादशी का सबसे जरूरी नियम है कि इस दिन पानी नहीं पीना चाहिए। व्रत रखने वाले इंसान को पूरा दिन और पूरी रात बिना पानी पिए भगवान विष्णु की पूजा करनी होती है। आप मुंह साफ करने के लिए गारगल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि कुल्ले का पानी भी गले से नीचे नहीं उतरना चाहिए। क्योंकि यह व्रत बिना पानी के ही पूरा होता है।

2. अनाज और चावल न खाएं

एकादशी के दिन किसी भी तरह का अनाज खाना मना होता है, और खासकर चावल तो बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चावल खाने से व्रत का फल कम हो जाता है। इसलिए एकादशी पर चावल खाने से बचें।

3. तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें

निर्जला एकादशी का मतलब सिर्फ भूखे रहना नहीं है, बल्कि अपने शरीर और मन को साफ रखना भी है। इसलिए इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, शराब और हर तरह की नशीली चीजों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।

4. तुलसी के पत्ते न तोड़ें

भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी बहुत जरूरी होती है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना अच्छा नहीं माना जाता। अगर आपको पूजा के लिए तुलसी के पत्ते चाहिए, तो उन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

5. गुस्सा, झूठ और लड़ाई-झगड़े से बचें

एकादशी का व्रत सिर्फ खाना छोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि यह हमें अपनी आदतों और व्यवहार को सुधारने की सीख देता है। इस दिन किसी की बुराई करना, झूठ बोलना, गुस्सा करना या झगड़ा करना गलत माना जाता है। भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए जरूरी है कि आप अपने मन को शांत रखें और सबके लिए अच्छी सोच रखें।

Nirjala Ekadashi Puja Niyam: ऐसे करें विष्णु पूजन

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Nirjala Ekadashi Per Kya Na Kare (AI Generated)
  • एकादशी के दिन सूरज निकलने से पहले उठें, घर साफ करें और नहाकर व्रत रखने का संकल्प लें।
  • इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
  • रात के समय दीपक जलाएं और भगवान को पीले फूल और पीले फल चढ़ाएं।
  • शाम को एक बार फिर भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • अगले दिन सुबह उठकर स्नान करें, भगवान विष्णु की पूजा करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
  • निर्जला एकादशी पर पानी से भरा कलश दान करना बहुत शुभ होता है, इसलिए ब्राह्मणों को पानी का दान जरूर करें।
  • ब्राह्मणों को भोजन कराने और विदा करने के बाद खुद भोजन करके व्रत खोलें।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।