Saraswati Mata ki Aarti: बसंत पंचमी सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल माघ महीने में मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन को कहीं श्री पंचमी तो कहीं सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में ही नहीं बल्कि स्कूलों में भी मां सरस्वती की पूजा होती है। इस साल बसंत पंचमी का त्योहार आज मनाया जा रहा है। आज हम जानेंगे Saraswati Mata ki Aarti के बारे में और इस दिन क्या करना चाहिए।
Saraswati Mata ki Aarti Lyrics in Hindi: सरस्वती माता की आरती

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता…॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता…॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता…॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता…॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता…॥
मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता…॥
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी के दिन क्या न करें?

- बसंत पंचमी के दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
- इस पावन तिथि पर पेड़-पौधों को काटना या उन्हें किसी प्रकार की हानि पहुंचाना वर्जित माना गया है।
- स्नान किए बिना इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जप या तपस्या नहीं करनी चाहिए।
- वसंत पंचमी के अवसर पर तामसिक भोजन और वस्तुओं के सेवन से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
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