इस पावन कथा बिना अधूरा है चैत्र मास का सोम प्रदोष व्रत! भोलेनाथ की कृपा के लिए जरूर करें पाठ

Som Pradosh Vrat Katha in Hindi
Som Pradosh Vrat Katha in Hindi: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत की तिथि को बहुत महत्व माना गया है। यह हर महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। आज, 16 मार्च 2026, सोमवार को चैत्र महीने का पहला प्रदोष व्रत है। चूंकि यह व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहते हैं।
सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को बहुत खास माना जाता है, क्योंकि यह दिन शिव जी को समर्पित है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। आज शाम 6:30 से 8:54 के बीच भगवान शिव की पूजन के लिए शुभ समय है। इस समय पूजा करने के साथ-साथ व्रत की कथा जरूर पढ़नी चाहिए।

Som Pradosh Vrat Katha in Hindi: सोम प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा

Som Pradosh Vrat Katha 2026
Som Pradosh Vrat Katha 2026 (Source: Social Media)

सोम प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय की बात है, एक गरीब विधवा ब्राह्मणी रहती थी जो अपने बेटे के साथ भीख मांगकर गुजारा करती थी। एक दिन उसे रास्ते में घायल अवस्था में विदर्भ का राजकुमार मिला, जिसके राज्य पर शत्रुओं ने कब्जा कर लिया था और उसके पिता को बंदी बना लिया था। ब्राह्मणी उस दयालु राजकुमार को अपने घर ले आई।

रहते-रहते अंशुमति नाम की एक राजकुमारी उस राजकुमार पर मोहित हो गई। बाद में, राजकुमारी के माता-पिता को भगवान शिव ने सपने में आकर दोनों का विवाह करने का आदेश दिया। राजकुमारी के माता-पिता मान गए और दोनों का विवाह करा दिया गया।

ब्राह्मणी नियमित रूप से प्रदोष व्रत करती थी। उस व्रत की शक्ति और गंधर्व सेना की मदद से राजकुमार ने शत्रुओं को हराकर अपना राज्य वापस पा लिया। उसने ब्राह्मणी के बेटे को अपना मंत्री बनाया और सब खुशी-खुशी रहने लगे। मान्यता है कि जैसे भगवान शिव ने ब्राह्मणी के व्रत से राजकुमार और ब्राह्मण पुत्र के दिन बदल दिए, वैसे ही वे अपने सभी भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।

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